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मणिपुर में उग्रवादियों पर शिकंजा कसने की तैयारी, कोबरा कमांडो की दो बटालियन पहुंचीं

नई दिल्ली/इंफाल: मणिपुर में लंबे समय से जारी हिंसा और उग्रवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की विशेष इकाई कोबरा (Commando Battalion for Resolute Action) की दो बटालियनों को राज्य में तैनात किया गया है। जंगल युद्धक रणनीति और कठिन परिस्थितियों में अभियान चलाने में माहिर इन कमांडो की तैनाती को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद असम और पश्चिम बंगाल में तैनात कोबरा की एक-एक बटालियन को मणिपुर भेजा गया है। सीआरपीएफ ने हाल ही में राज्य में ऑपरेशनल ड्यूटी के लिए विशेष प्रस्ताव भेजा था, जिस पर विचार के बाद यह फैसला लिया गया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि कोबरा कमांडो की मौजूदगी से उग्रवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई को नई धार मिलेगी।

मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा के कारण हालात लंबे समय तक तनावपूर्ण बने रहे हैं। हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त अभियान की रणनीति पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार सेना, असम राइफल्स, सीआरपीएफ, राज्य पुलिस और अन्य केंद्रीय बलों के बीच समन्वित कार्रवाई की नई योजना तैयार की गई है। इसका उद्देश्य उग्रवादी गतिविधियों को जड़ से खत्म करना और संवेदनशील इलाकों में स्थायी शांति स्थापित करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कोबरा कमांडो ने जिस तरह सफलता हासिल की है, उसी अनुभव का लाभ अब मणिपुर में भी मिलेगा। जंगलों और दुर्गम क्षेत्रों में अभियान चलाने की उनकी क्षमता उग्रवादी संगठनों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में स्थिति के अनुसार अतिरिक्त बलों की तैनाती और ऑपरेशनल रणनीति में बदलाव भी किए जा सकते हैं। फिलहाल कोबरा कमांडो की तैनाती को मणिपुर में शांति बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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