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AI से नौकरी जाएगी या बचेगी? वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की नई रिपोर्ट में सामने आई चौंकाने वाली बातें

AI impact on jobs

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता प्रभाव आज रोजगार और कार्यस्थलों को लेकर वैश्विक चिंता का विषय बन गया है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की नई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि आने वाले वर्षों में AI कुछ क्षेत्रों में नौकरियों को खतरे में डाल सकता है, लेकिन इसके साथ ही नई तकनीकी नौकरियां भी पैदा होंगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 तक दुनिया भर में लगभग 85 मिलियन नौकरी के अवसर AI और ऑटोमेशन के कारण प्रभावित हो सकते हैं। विशेषकर डेटा एंट्री, फाइनेंसियल रिपोर्टिंग और कुछ प्रशासनिक कार्य जैसी नौकरियां सबसे अधिक जोखिम में हैं। वहीं, AI के इस्तेमाल से नई नौकरियों के अवसर भी उत्पन्न होंगे, जैसे कि AI ट्रेनिंग विशेषज्ञ, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स और सॉफ्टवेयर विकास।

विशेषज्ञों का कहना है कि AI पूरी तरह से रोजगार को खत्म नहीं करेगा, बल्कि नौकरी के स्वरूप और कार्य की प्रकृति बदल देगा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कर्मचारियों को नई तकनीकी स्किल्स सीखने पर जोर देना होगा ताकि वे AI-सक्षम वातावरण में अपनी भूमिका बनाए रख सकें।

WEF की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि सरकारों और कंपनियों को सहयोग करना होगा ताकि कार्यबल को रीस्किलिंग और अपस्किलिंग के जरिए AI युग के लिए तैयार किया जा सके। अगर यह कदम समय रहते नहीं उठाया गया, तो बेरोजगारी और सामाजिक असमानता बढ़ सकती है।

रिपोर्ट की मुख्य सीख यह है कि AI खतरा भी है और अवसर भी। जो लोग नई तकनीकों के साथ खुद को अपडेट करेंगे, वे भविष्य के रोजगार में स्थिर रहेंगे। वहीं, जो पुराने तरीके पर टिके रहेंगे, उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

इसलिए, कर्मचारियों, छात्रों और पेशेवरों के लिए जरूरी है कि वे तकनीकी स्किल्स में निवेश करें और AI के बदलते परिदृश्य के लिए खुद को तैयार रखें।

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