जोधपुर, राजस्थान।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए सात वर्षीय बच्चे के शरीर से 3.7 किलोग्राम वजनी कैंसरयुक्त ट्यूमर निकालकर उसे नया जीवन दिया। अस्पताल के अनुसार, यह संस्थान में बच्चों पर की गई सबसे चुनौतीपूर्ण सर्जरी में से एक रही।

जानकारी के अनुसार, बच्चा पिछले लगभग चार वर्षों से पेट के दाहिने हिस्से में लगातार बढ़ रही सूजन से परेशान था। शुरुआती जांच के बाद उसे एम्स जोधपुर लाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सीटी स्कैन कराया। जांच में सामने आया कि ट्यूमर का आकार लगभग 24 × 21 × 18 सेंटीमीटर हो चुका था और वह पेट के बड़े हिस्से में फैल गया था।
डॉक्टरों ने बताया कि ट्यूमर पूरी दाहिनी किडनी को नष्ट कर चुका था। इसके अलावा इसके बढ़ते आकार के कारण लीवर, अग्न्याशय, आंतें और मूत्राशय जैसे महत्वपूर्ण अंग अपनी सामान्य स्थिति से हट गए थे। ऐसी स्थिति में सर्जरी बेहद जटिल और जोखिमपूर्ण थी।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सावधानीपूर्वक ऑपरेशन करते हुए ट्यूमर के साथ दाहिनी किडनी और पूरी मूत्रवाहिनी (यूरेटर) को भी सफलतापूर्वक निकाल दिया। लंबे समय तक चली इस सर्जरी के बाद बच्चे की हालत स्थिर बताई गई है और वह चिकित्सकीय निगरानी में है।
एम्स जोधपुर के डॉक्टर डॉ. राहुल सक्सेना ने बताया कि यह बच्चों पर की गई सबसे कठिन सर्जरी में से एक थी। उन्होंने कहा कि पूरी टीम के समन्वित प्रयास और आधुनिक चिकित्सा तकनीक की बदौलत ऑपरेशन सफल रहा।












