Home » मध्य प्रदेश = MP » मध्य प्रदेश में पिता-पुत्र की बिगड़ी तबीयत: तरबूज खाने के बाद मौत की चर्चा, डॉक्टर बोले- वजह कुछ और भी हो सकती है

मध्य प्रदेश में पिता-पुत्र की बिगड़ी तबीयत: तरबूज खाने के बाद मौत की चर्चा, डॉक्टर बोले- वजह कुछ और भी हो सकती है

मध्य प्रदेश के Madhya Pradesh के श्योपुर जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां तरबूज खाने के बाद पिता-पुत्र की तबीयत बिगड़ने की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। इस घटना में पिता की मौत हो गई, जबकि बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज वेंटिलेटर पर किया जा रहा है। हालांकि डॉक्टरों ने साफ किया है कि फिलहाल मौत का कारण केवल तरबूज को मानना सही नहीं होगा।

जानकारी के मुताबिक, श्योपुर जिले के एक परिवार ने गुरुवार रात घर में कद्दू की सब्जी और रोटी खाई थी। परिवार के चार सदस्यों ने एक साथ भोजन किया था। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे पिता और बेटे को अचानक बेचैनी, गला सूखने और सांस लेने में दिक्कत होने लगी।

परिवार ने राहत के लिए उन्हें घर में रखा तरबूज खाने को दिया। बताया जा रहा है कि तरबूज मटके के पानी में ठंडा करने के लिए रखा गया था। परिजनों का दावा है कि तरबूज खाने के बाद दोनों की हालत और ज्यादा बिगड़ गई।

स्थिति गंभीर होने पर स्वजन दोनों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने पिता की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें राजस्थान के कोटा रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वहीं बेटे का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और उसकी हालत फिलहाल गंभीर बताई जा रही है।

घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हाल के दिनों में तरबूज को लेकर सामने आए कुछ मामलों के कारण लोगों में डर भी बढ़ा है। हालांकि जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आरबी गोयल ने कहा कि केवल तरबूज खाने को इस घटना की वजह मानना जल्दबाजी होगी।

डॉ. गोयल के मुताबिक, “दोनों की तबीयत रात में ही खराब होने लगी थी। तरबूज उन्होंने बाद में खाया। यदि फूड पॉइजनिंग होती तो परिवार के अन्य सदस्य भी बीमार पड़ सकते थे। फिलहाल जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।”

गौरतलब है कि कुछ समय पहले Mumbai में भी तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के चार लोगों की मौत का मामला सामने आया था। हालांकि बाद में फोरेंसिक जांच में पता चला था कि भोजन में जिंक फॉस्फाइड यानी चूहे मारने वाली दवा मिली हुई थी।

श्योपुर की इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों में खाने-पीने की चीजों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। साथ ही किसी भी तरह की अचानक तबीयत बिगड़ने की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, ताकि समय रहते इलाज मिल सके।

संबंधित समाचार
E-Paper image 2