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दिल्ली-एनसीआर में फौरी राहत, पहाड़ों में बारिश; भीषण गर्मी के बीच मौसम ने क्यों बदला मिजाज, आगे क्या हैं संकेत?

नई दिल्ली, 23 मई। देशभर में मौसम का मिजाज इन दिनों दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। एक तरफ उत्तर और मध्य भारत भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं, तो दूसरी तरफ दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अचानक बादल छाने, धूल भरी आंधी चलने और हल्की बूंदाबांदी होने से लोगों को गर्मी से कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर भारत में तापमान अभी भी बेहद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में लू और भीषण लू का असर बना हुआ है। दिल्ली में रात का तापमान भी सामान्य से काफी ऊपर रिकॉर्ड किया गया, जिससे लोगों को दिन के साथ रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही।

हालांकि, शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर, सोनीपत, झज्जर, रेवाड़ी और राजस्थान के भिवाड़ी जैसे इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं और हल्की बारिश के कारण तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्व महानिदेशक डॉ. केजे रमेश के अनुसार, यह बदलाव उत्तरी पाकिस्तान और आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है। इसी सिस्टम की वजह से उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अस्थायी राहत देखने को मिली।

दूसरी ओर, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर तेज हो गया है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मूसलधार बारिश हो रही है। कर्नाटक और रायलसीमा के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी खबरें सामने आई हैं। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में अगले पांच से सात दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।

पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है। हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 मई के बाद पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने लगेगा और 26 मई से पहाड़ी इलाकों में मौसम फिर साफ हो सकता है।

आने वाले दिनों की बात करें तो उत्तर और मध्य भारत के लोगों को अभी गर्मी से बड़ी राहत मिलती नहीं दिख रही। मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में 28 मई तक लू चलने की चेतावनी जारी की है। दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है, जबकि तेज गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ाएंगी।

पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 26 से 28 मई के बीच हल्की बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। इससे इन राज्यों में भी गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

इस बीच, मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में 26 मई के आसपास दस्तक दे सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि मानसून तय समय पर आगे बढ़ता है, तो जून के दूसरे और तीसरे सप्ताह तक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी से स्थायी राहत मिलने की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, अरब सागर में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र पर भी नजर रखी जा रही है, क्योंकि इसका असर मानसून की रफ्तार और बारिश की तीव्रता पर पड़ सकता है।

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