नई दिल्ली, 23 जून। गर्मियों का मौसम आते ही बाजारों में आम की मिठास छा जाती है। आम को फलों का राजा कहा जाता है और इससे बनने वाले व्यंजन भी लोगों को खूब पसंद आते हैं। आमरस और मैंगो शेक दो ऐसे विकल्प हैं जो लगभग हर घर में बनाए जाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि सेहत के लिए इनमें से कौन-सा विकल्प ज्यादा फायदेमंद है?
कैलाश हॉस्पिटल एंड न्यूरो इंस्टीट्यूट की कंसल्टेंट डाइटिशियन वंदना राजपूत के अनुसार, यदि पोषण की दृष्टि से देखा जाए तो आमरस मैंगो शेक की तुलना में अधिक प्राकृतिक और बेहतर विकल्प माना जा सकता है।
विशेषज्ञ बताती हैं कि आमरस मुख्य रूप से पके हुए आम के गूदे से तैयार किया जाता है। इसमें किसी अतिरिक्त सामग्री की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे में आम में मौजूद फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और प्राकृतिक पोषक तत्व काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं।
दूसरी ओर, मैंगो शेक में आम के साथ दूध, चीनी और कई बार आइसक्रीम भी मिलाई जाती है। इससे इसकी कैलोरी और शुगर की मात्रा बढ़ सकती है। जिन लोगों को वजन नियंत्रित रखना है या डायबिटीज की समस्या है, उनके लिए अधिक मात्रा में मैंगो शेक का सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
वंदना राजपूत के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सिर्फ आम के वास्तविक स्वाद और पोषण का लाभ लेना चाहता है तो आमरस बेहतर विकल्प है। वहीं जिन लोगों को अतिरिक्त ऊर्जा और प्रोटीन की जरूरत होती है, वे सीमित मात्रा में मैंगो शेक का सेवन कर सकते हैं।
विशेषज्ञ सलाह देती हैं कि चाहे आमरस हो या मैंगो शेक, दोनों का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। अत्यधिक मात्रा में आम का सेवन शुगर और कैलोरी की मात्रा बढ़ा सकता है।
गर्मियों में यदि आप आम का आनंद लेते हुए अधिक पोषण चाहते हैं, तो बिना अतिरिक्त चीनी वाला ताजा आमरस आपकी सेहत के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।












