पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान हुई हिंसा और न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी सायेम चौधरी उर्फ बाबू चौधरी को मामले की साजिश और हिंसक घटनाओं में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है। इस गिरफ्तारी के साथ अब तक इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 30 हो चुकी है।
एनआईए के मुताबिक, सायेम चौधरी मालदा के मोठबारी क्षेत्र का स्थानीय राजनीतिक नेता है। एजेंसी ने उसे हिरासत में लेने से पहले कोलकाता स्थित अपने शाखा कार्यालय में पूछताछ की। जांच में मिले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, 1 अप्रैल को मालदा के ब्लॉक-II बीडीओ कार्यालय में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंच गए थे। इस दौरान भीड़ ने न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर अवैध रूप से बंधक बना लिया और सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न की। हालात नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर दिया। इस घटना में नौ पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
एनआईए का दावा है कि सायेम चौधरी ने घटना से पहले आयोजित एक सभा में लोगों को भड़काऊ भाषण दिया था। एजेंसी का आरोप है कि उसने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर हिंसक विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई और लोगों को एसआईआर प्रक्रिया रोकने के लिए प्रेरित किया। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी उन गैरकानूनी सभाओं का सक्रिय हिस्सा था, जिनके माध्यम से सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाने और प्रशासनिक प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश की गई।
फिलहाल एनआईए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मालदा जिले में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान हुई हिंसा से जुड़े एक दर्जन से अधिक मामलों की जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी हैं। इसके लिए तकनीकी साक्ष्य, वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि मालदा हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर एनआईए को मामले की जांच सौंपी गई। एजेंसी का कहना है कि जांच का उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की साजिश का खुलासा करना और कानून के दायरे में सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।










