पंजाबी गायक गुरु रंधावा से जुड़े जिम के बाहर हुई फायरिंग के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने पश्चिमी दिल्ली में हुई एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद हकीकत और सागर नामक दो आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों 11 जून को पश्चिम विहार में हुई गोलीबारी की घटना में शामिल थे और तब से फरार चल रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी पश्चिमी दिल्ली में किसी अन्य आपराधिक वारदात को अंजाम देने आने वाले हैं। सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने इलाके में घेराबंदी की। पुलिस का दावा है कि रोकने पर आरोपियों ने फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके पास से हथियार भी बरामद किए हैं।
गौरतलब है कि 11 जून की सुबह पश्चिम विहार स्थित गुरु रंधावा से जुड़े जिम के बाहर कई राउंड गोलियां चलाई गई थीं। पुलिस को घटनास्थल से सात खाली कारतूस मिले थे। इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी।
जांच के दौरान पुलिस ने चार संदिग्धों की पहचान की थी। इनमें से अरमान और तुषार उर्फ ताशु उर्फ पिंकू को पहले ही हरियाणा के बहादुरगढ़ से गिरफ्तार किया जा चुका है। अब हकीकत और सागर की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में पहचाने गए सभी चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर गैंगस्टर अनिल पंडित के नेटवर्क से जुड़े हैं, जिसे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य माना जाता है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि फायरिंग की साजिश किसने रची, इसके पीछे उद्देश्य क्या था और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भी भूमिका है।
इस मामले ने तब और सुर्खियां बटोरी थीं, जब सोशल मीडिया पर अनिल पंडित के नाम से एक कथित पोस्ट वायरल हुई थी। उस पोस्ट में हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था और फायरिंग को गुरु रंधावा की बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से कथित नजदीकियों से जोड़ने की बात कही गई थी। हालांकि पुलिस ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।










