राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के अनुसार, जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों ने यह कदम उठाया है।
इससे पहले चढ़ावा से जुड़े कथित गबन मामले में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के बाद अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में चढ़ावा गणना प्रक्रिया से जुड़े कुछ कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ साजिश, धोखाधड़ी और कथित धन गबन के आरोपों की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, बरामद नकदी और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
एसआईटी की प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की नकदी और आभूषणों में कथित अनियमितताओं के संकेत मिलने की बात कही गई है। हालांकि, कुल कथित गबन की राशि और अन्य तथ्यों की पुष्टि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
इस बीच आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मंदिर से जुड़ी जमीन खरीद-फरोख्त में भी कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एसआईटी को कई दस्तावेज सौंपे हैं। उन्होंने कुछ जमीन सौदों में बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीद का दावा किया है और विस्तृत जांच की मांग की है।
फिलहाल इन आरोपों की जांच जारी है। संबंधित पक्षों की ओर से इन दावों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है। पुलिस और एसआईटी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।












