यूरोप इन दिनों रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव की चपेट में है। पिछले एक सप्ताह से जारी भीषण गर्मी के कारण पूरे महाद्वीप में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले सप्ताह की शुरुआत से फ्रांस, स्पेन, जर्मनी, इटली और अन्य देशों में तापमान एक बार फिर बढ़ सकता है।
इटली में हालात सबसे गंभीर बने हुए हैं। देश के उत्तर में बोलजानो से लेकर दक्षिणी द्वीप सिसिली के पलेर्मो तक 22 शहरों में ‘रेड हीट वॉर्निंग’ जारी की गई है। वहीं क्रोएशिया की राजधानी जगरेब और पर्यटन स्थलों स्प्लिट तथा डबरोवनिक में भी रेड अलर्ट घोषित किया गया है।
भीषण गर्मी के कारण एड्रियाटिक सागर स्थित ‘विस’ द्वीप के चीड़ के जंगलों में भी आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए दमकलकर्मियों के साथ चार विमानों की मदद ली गई। वेटिकन सिटी में भी तेज धूप के बीच श्रद्धालु छतरियों और पंखों का सहारा लेते दिखाई दिए।
वैज्ञानिकों के अनुसार, 20 जून से शुरू हुई यह हीटवेव यूरोप की अब तक की सबसे गंभीर गर्मी की लहरों में से एक है। इसने बिजली उत्पादन, बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव डाला है। फ्रांस में इस दौरान लगभग 1,000 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं।
इटली की मौसम विज्ञान सोसायटी के अध्यक्ष लुका मर्काली ने बताया कि 5 और 6 जुलाई से एक और गर्मी की लहर आने की संभावना है, जिससे फ्रांस, स्पेन, जर्मनी, इटली, स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन के कुछ हिस्सों में तापमान फिर से बढ़ सकता है।











