जकार्ता, इंडोनेशिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए अपने भाषण में ‘नंबर 8’ का विशेष उल्लेख कर भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को सांस्कृतिक प्रतीकों के माध्यम से नई अभिव्यक्ति दी। उन्होंने भारत के गणतंत्र दिवस, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के जन्मदिन और इंडोनेशिया के स्वतंत्रता दिवस को इस संख्या से जोड़ते हुए कहा कि यह केवल संयोग नहीं बल्कि दोनों देशों के मजबूत और भरोसेमंद रिश्तों का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हर वर्ष 26 जनवरी को अपना गणतंत्र दिवस मनाता है। उन्होंने बताया कि 26 में 2 और 6 को जोड़ने पर 8 बनता है। इसी प्रकार राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का जन्म 17 अक्टूबर को हुआ था और 1 तथा 7 का योग भी 8 होता है। उन्होंने याद दिलाया कि राष्ट्रपति प्रबोवो भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे, जो दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती का महत्वपूर्ण संकेत था।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति प्रबोवो की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि “उनमें भारत का डीएनए है।” मोदी ने कहा कि यह बयान केवल एक औपचारिक टिप्पणी नहीं था, बल्कि इसने करोड़ों भारतीयों के दिलों को छू लिया। उनके अनुसार यह दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों की गहराई को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इंडोनेशिया सहित कई एशियाई देशों में ‘नंबर 8’ को अत्यंत शुभ माना जाता है। चीनी सांस्कृतिक परंपराओं और फेंग शुई में यह संख्या समृद्धि, सफलता और सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती है। मंदारिन भाषा में ‘बा’ का उच्चारण ‘फा’ शब्द से मिलता-जुलता है, जिसका अर्थ समृद्धि और आर्थिक उन्नति होता है। इसी वजह से इस संख्या को व्यापार और सामाजिक जीवन में भी शुभ माना जाता है।
मोदी ने यह भी याद दिलाया कि इंडोनेशिया अपना स्वतंत्रता दिवस 17 अगस्त को मनाता है, जहां 1 और 7 का योग भी 8 होता है। उन्होंने कहा कि इन प्रतीकों के माध्यम से दोनों देशों की साझी सोच और साझा भविष्य को समझा जा सकता है।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने बॉलीवुड फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह फिल्म इंडोनेशिया में काफी लोकप्रिय है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि भारत और इंडोनेशिया का रिश्ता अब “कुछ कुछ” तक सीमित नहीं है, बल्कि “बहुत कुछ” बन चुका है। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, डिजिटल तकनीक, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति प्रबोवो को भारत का सच्चा मित्र बताते हुए इंडोनेशिया की जनता द्वारा मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और इंडोनेशिया की रणनीतिक साझेदारी और अधिक मजबूत होगी तथा दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।












