गुना, मध्य प्रदेश।
मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। राघौगढ़ थाना क्षेत्र के एक युवक ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर आरोप लगाया है कि उसके ससुराल पक्ष ने उसकी पांच माह की गर्भवती पत्नी को विदिशा जिले में किसी अन्य व्यक्ति को आठ लाख रुपये में बेच दिया है। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कर पत्नी को वापस लाने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है।

मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान राघौगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बंदरगड़ा निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू बंजारा अपनी मां और अन्य परिजनों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने शिकायत पत्र में बताया कि उनकी शादी ‘अटा-सटा’ प्रथा के तहत घूंघरी पहाड़ी निवासी गंगाराम की बेटी बतूल बाई से हुई थी। इस परंपरा के तहत उनकी बहन की शादी भी गंगाराम के बेटे से तय हुई थी।
शिकायत के अनुसार, जितेंद्र की बहन नाबालिग होने के कारण उसकी विदाई नहीं की गई। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर करीब तीन महीने पहले ससुर गंगाराम गेहूं कटाई का बहाना बनाकर उनकी पत्नी को मायके ले गए। इसके बाद जब वह पत्नी को वापस लाने पहुंचे तो ससुराल पक्ष ने उसे भेजने से इनकार कर दिया।
जितेंद्र का कहना है कि उसकी पत्नी पांच माह की गर्भवती है और उनका तीन साल का एक बेटा भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को विदिशा जिले में किसी अन्य व्यक्ति को आठ लाख रुपये में बेच दिया गया है। इस मामले को लेकर समाज की पंचायत भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
मामले पर राघौगढ़ एसडीओपी दीपा डोडवे ने बताया कि शिकायतकर्ता सीधे एसपी कार्यालय पहुंचे थे और राघौगढ़ थाने में पहले कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












