पीएम आवास मार्च पर बीजेपी का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, रविशंकर प्रसाद बोले- ‘क्या देश आपके अहंकार से चलेगा?’
राहुल गांधी के मार्च के बाद तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
नई दिल्ली, दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर प्रधानमंत्री आवास तक निकाले गए कांग्रेस के विरोध मार्च के बाद देश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उनके कदम को गैर-जिम्मेदाराना और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत बताया है। भाजपा का कहना है कि विरोध के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचाई जानी चाहिए।

रविशंकर प्रसाद ने उठाए राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “क्या देश आपके अहंकार और जिद से चलेगा?” उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करने के बजाय लगातार टकराव की राजनीति कर रहे हैं। उनके अनुसार, विपक्ष को अपनी बात संसद के भीतर तथ्यों और बहस के जरिए रखनी चाहिए, न कि इस तरह के प्रदर्शन के माध्यम से।
भाजपा ने पीएम आवास मार्च को बताया अनुचित
भाजपा ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च को पूरी तरह अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री का पद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक पद है और उसकी गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की है।
देशभर में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करेगी भाजपा
राहुल गांधी के विरोध मार्च के जवाब में भाजपा ने देशभर में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि उसके कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस के विरोध में अपनी आवाज उठाएंगे। भाजपा ने इसे कांग्रेस की राजनीति के खिलाफ जनजागरण अभियान का हिस्सा बताया है।
NEET विवाद पर जारी है आरोप-प्रत्यारोप
NEET पेपर लीक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव जारी है। विपक्ष सरकार पर परीक्षा प्रणाली में कथित खामियों और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर निशाना साध रहा है। वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह इस विषय पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है।
कांग्रेस का दावा- छात्रों के हित में किया गया प्रदर्शन
कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च का उद्देश्य छात्रों की चिंताओं को सरकार तक पहुंचाना था। पार्टी का आरोप है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार को इस मामले में जवाबदेह होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
संसद से सड़क तक जारी रह सकती है सियासी लड़ाई
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NEET पेपर लीक विवाद आने वाले दिनों में भी राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख मुद्दा बना रहेगा। संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। वहीं संसद के बाहर भी दोनों दलों के विरोध-प्रदर्शन और बयानबाजी का दौर जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।










