नई दिल्ली, दिल्ली
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों पर कार्रवाई के मामले में जिम्मेदार लोगों ने माफी मांगने के बजाय दूसरे मामलों में माफी की बात की, जबकि इस घटना पर अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।
राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में विरोध मार्च के दौरान छात्रों के साथ कथित पुलिस बर्बरता को 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
उन्होंने कहा कि राजधानी की सड़कों पर छात्रों पर लाठियां और पैलेट चलाए गए, लेकिन इस घटना को लेकर सरकार की ओर से जवाब नहीं आया। राहुल गांधी ने कहा कि आज नहीं तो कल, सरकार को इस मामले में जवाबदेही तय करनी होगी।
‘छात्र देश का भविष्य हैं'
राहुल गांधी ने छात्रों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि वह पूरी ताकत के साथ उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने प्रयागराज में आयोजित अपने ‘छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का भी जिक्र किया।
उन्होंने एक छात्र की बात साझा करते हुए कहा कि छात्र ने बताया कि उसने वर्षों तक परीक्षा की तैयारी की, परिवार की जमीन बेची गई और माता-पिता ने कर्ज लिया, लेकिन इतनी मेहनत के बावजूद उसे अपेक्षित परिणाम नहीं मिला। राहुल गांधी ने कहा कि यह केवल उस छात्र की हार नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था की विफलता है जो उसकी मेहनत का उचित परिणाम नहीं दे सकी।
युवाओं के भविष्य पर भी उठाए सवाल
इससे एक दिन पहले प्रयागराज में राहुल गांधी ने युवाओं की शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को उठाया था। उन्होंने कहा था कि देश के युवा एक ऐसे “चक्रव्यूह” में फंस रहे हैं, जहां वे शिक्षा और डिग्री पर बड़ी रकम खर्च करते हैं, लेकिन उसके बाद भी रोजगार की गारंटी नहीं मिलती।
राहुल गांधी ने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था युवाओं को रोजगार का रास्ता नहीं दे पा रही है तो इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर सरकार पर जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई।











