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राम मंदिर दान में कथित गबन के आरोपों पर पीएम मोदी सदन में दें जवाब: खरगे, बोले- भक्तों की आस्था से जुड़ा मामला

रुद्रपुर, उत्तराख

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े दान और कीमती सामान के कथित गबन के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में जवाब देने की मांग की है। रुद्रपुर में रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान खरगे ने कहा कि यह मामला लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और प्रधानमंत्री को मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली तथा सामने आए आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

खरगे ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को उन लोगों की ओर से उठा रहा है, जिनकी भगवान राम और राम मंदिर में आस्था है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने सबसे पहले मंदिर परिसर में रखी संपत्तियों से जुड़ी कथित चोरी का मुद्दा उठाया था।

ट्रस्ट की नियुक्ति को लेकर पीएम पर सवाल

खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि मंदिर के उद्घाटन, पूजा की शुरुआत और राम मंदिर पर ध्वजारोहण जैसे कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री शामिल रहे हैं। उन्होंने ट्रस्ट के सदस्यों और मंदिर की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने मंदिर के उद्घाटन और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भूमिका निभाई है तथा ट्रस्ट की व्यवस्था से जुड़े फैसलों का उल्लेख किया जाता है, तो उन्हें संसद में आकर इन आरोपों पर जवाब देना चाहिए।

सोना, चांदी और कीमती सामानों का मुद्दा उठाया

कांग्रेस अध्यक्ष ने मंदिर से जुड़े आभूषण, सोना, चांदी, नकदी और अन्य कीमती सामानों को लेकर सामने आए आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कथित सोने की ईंटों और सोने की रामचरितमानस से जुड़े दावों पर भी सवाल उठाए।

खरगे ने कहा कि इन मामलों को लेकर राम मंदिर और भगवान राम में आस्था रखने वाले लोगों के बीच चिंता है। उन्होंने मांग की कि मंदिर से जुड़े दान और संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि कोई वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाए।

हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता और कथित वित्तीय अनियमितताओं की पूरी सीमा जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

एसआईटी कर रही मामले की जांच

राम मंदिर से जुड़े दान के कथित गबन और संपत्तियों के संबंध में जांच पहले से चल रही है। दिए गए विवरण के अनुसार, जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि मामले की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. के नेतृत्व में एक नई विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया है।

जांच एजेंसियां कथित धन के लेनदेन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। अब तक मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। जांचकर्ता कथित मनी ट्रेल के जरिए अतिरिक्त संपत्तियों और संभावित लाभार्थियों की पहचान करने में जुटे हैं।

सपा सांसदों ने भी संसद में उठाया मुद्दा

इससे पहले समाजवादी पार्टी के कई सांसदों ने भी संसद परिसर में इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने “चंदा चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारे लिखी तख्तियां प्रदर्शित की थीं।

मामला राम मंदिर से जुड़े दान और कीमती सामान के प्रबंधन से संबंधित आरोपों पर केंद्रित है। इसकी जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं और जिम्मेदार लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

एफसीआरए संशोधन विधेयक का विरोध करेगी कांग्रेस

उत्तराखंड दौरे के दौरान खरगे ने प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक यानी एफसीआरए संशोधन विधेयक को लेकर भी कांग्रेस का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कदम का विरोध करेगी। उन्होंने बताया कि संसद के मानसून सत्र में विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य विदेशी योगदान के नियमन से जुड़े प्रावधानों में बदलाव करना है। विपक्षी दलों की ओर से इसके कुछ प्रस्तावित प्रावधानों पर आपत्ति जताई गई है। खरगे ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के साथ चर्चा के बाद अपनी रणनीति तय करेगी।

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