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रूस के सबसे अहम बंदरगाह पर यूक्रेन की बड़ी एयरस्ट्राइक, 2 अनाज टर्मिनल बंद; नौसैनिक जहाज भी क्षतिग्रस्त

नोवोरोस्सिय्स्क, रूस

रूस-यूक्रेन युद्ध में काला सागर के मोर्चे पर यूक्रेन ने बुधवार रात बड़ा हमला किया। रूस के रणनीतिक बदरगाह शहर नोवोरोस्सिय्स्क को बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले का निशाना बनाया गया। हमले में बंदरगाह के दो प्रमुख अनाज टर्मिनलों को नुकसान पहुंचा और उनका कामकाज रोक दिया गया। इसी हमले में रूसी नौसैनिक अड्डे को भी निशाना बनाए जाने की खबर है। यूक्रेन ने दावा किया है कि रूसी नौसेना के कई सैन्य पोत इस कार्रवाई में प्रभावित हुए।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि हमले में ड्रोन, मिसाइल और मानवरहित हमलावर नौकाओं का इस्तेमाल किया गया। यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, हमले का उद्देश्य रूस के सैन्य और आर्थिक ढांचे को नुकसान पहुंचाना था। यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने नोवोरोस्सिय्स्क में चार रूसी सैन्य जहाजों के प्रभावित होने की पुष्टि की है।

इस हमले का आर्थिक महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि नोवोरोस्सिय्स्क रूस के प्रमुख कृषि निर्यात केंद्रों में शामिल है। बंदरगाह से बड़ी मात्रा में गेहूं और अन्य खाद्य उत्पाद काला सागर के रास्ते दूसरे देशों तक भेजे जाते हैं। हमले के बाद दो प्रमुख अनाज टर्मिनलों का संचालन रोक दिया गया।

रूस दुनिया के सबसे बड़े गेहूं निर्यातकों में शामिल है। इसलिए नोवोरोस्सिय्स्क में अनाज लदान और निर्यात प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। खासकर अफ्रीका और पश्चिम एशिया के उन देशों पर इसका असर पड़ सकता है जहां रूसी गेहूं की महत्वपूर्ण भूमिका है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि टर्मिनलों का संचालन कितने समय तक प्रभावित रहेगा। इसलिए तत्काल वैश्विक खाद्य संकट की भविष्यवाणी करना उचित नहीं होगा।

हमले में बंदरगाह के अलावा शहर के रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचा। स्थानीय प्रशासन के अनुसार कई आवासीय इमारतें और व्यापारिक प्रतिष्ठान प्रभावित हुए। बाद की रिपोर्टों में तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।

नोवोरोस्सिय्स्क सैन्य दृष्टि से भी रूस के लिए बेहद अहम है। क्रीमिया स्थित रूसी नौसैनिक ठिकानों पर यूक्रेन के लगातार हमलों के बाद रूस ने अपने ब्लैक सी फ्लीट के कई पोतों को नोवोरोस्सिय्स्क की ओर स्थानांतरित किया था। ऐसे में बंदरगाह पर हमला रूसी नौसेना के लिए भी गंभीर चुनौती माना जा रहा है।

नोवोरोस्सिय्स्क में तेल निर्यात से जुड़ा बड़ा ढांचा भी मौजूद है। कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम का टर्मिनल यहां से संचालित होता है। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में इस तेल ढांचे को ताजा हमले में नुकसान होने की पुष्टि नहीं हुई है।

हमले के बाद रूस ने भी यूक्रेन के कई इलाकों को निशाना बनाया। ओडेसा और जपोरीजिया में रूसी हवाई हमलों के बाद आग लगने की खबरें आईं। इस तरह दोनों देशों के हमले अब सैन्य ठिकानों के साथ-साथ बंदरगाहों, व्यापारिक मार्गों और महत्वपूर्ण आर्थिक बुनियादी ढांचे तक पहुंच रहे हैं।

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