Home » राष्ट्रीय » UN में भारत ने पाकिस्तान को कब-कब दिया जवाब? कश्मीर से आतंकवाद तक पूरी कहानी

UN में भारत ने पाकिस्तान को कब-कब दिया जवाब? कश्मीर से आतंकवाद तक पूरी कहानी

New Delhi, Delhi

संयुक्त राष्ट्र में भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक टकराव कई दशकों पुराना है। पाकिस्तान अक्सर कश्मीर का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद में उठाता रहा है। भारत भी उसके आरोपों का जवाब देते हुए सीमा पार आतंकवाद, आतंकी संगठनों और पाकिस्तान की भूमिका का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाता रहा है।

1948 से शुरू हुआ कश्मीर विवाद

जम्मू-कश्मीर का मुद्दा जनवरी 1948 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद तक पहुंचा था। तब से पाकिस्तान कश्मीर के लिए आत्मनिर्णय के अधिकार की बात करता रहा है और संयुक्त राष्ट्र के पुराने प्रस्तावों का हवाला देता है।

भारत का कहना है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारत पाकिस्तान के कब्जे वाले हिस्से को अवैध कब्जा बताता है और यह भी कहता है कि दोनों देशों के बीच विवादों का समाधान द्विपक्षीय तरीके से होना चाहिए।

आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख

समय के साथ भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद को अपने कूटनीतिक तर्क का प्रमुख हिस्सा बनाया। 26/11 मुंबई आतंकी हमला, संसद पर हमला और सीमा पार आतंकवाद जैसी घटनाओं का उल्लेख संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर भारत करता रहा है।

भारत का आरोप है कि पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है। पाकिस्तान इन आरोपों को खारिज करता है।

संयुक्त राष्ट्र में आमने-सामने

जब पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र में भारत पर कश्मीर को लेकर आरोप लगाता है, तो भारत अक्सर Right to Reply के जरिए जवाब देता है। भारतीय प्रतिनिधियों ने कई मौकों पर पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया है।

भारत का एक प्रमुख तर्क यह रहा है कि आतंकवाद और बातचीत को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता और किसी भी देश को आतंकवाद के जरिए राजनीतिक लक्ष्य हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

हाल के वर्षों में भी जारी रही बयानबाजी

हाल के वर्षों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठकों में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई का मुद्दा उठाया है। भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों को पनाह देने के आरोप लगाए हैं।

वहीं पाकिस्तान भारत पर जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाता रहा है और कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाए रखने की कोशिश करता है।

इस कूटनीतिक टकराव में दोनों देशों की रणनीति स्पष्ट दिखाई देती है। पाकिस्तान कश्मीर को केंद्र में रखता है, जबकि भारत आतंकवाद को प्रमुख मुद्दा बनाकर पाकिस्तान के दावों का जवाब देता है।

संयुक्त राष्ट्र का मंच इस लंबे विवाद में दोनों देशों के लिए अपना पक्ष रखने का महत्वपूर्ण माध्यम बना हुआ है। हालांकि, कश्मीर और आतंकवाद पर दोनों देशों के रुख में अब भी कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आया है।

संबंधित समाचार
E-Paper image 2