नई दिल्ली, भारत:
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को इंडी गठबंधन के सांसद एक बार फिर प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। विपक्षी नेताओं की योजना संसद भवन परिसर में एकत्र होकर राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने की है। विपक्ष राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों पर अपनी चिंताएं सामने रखना चाहता है।
विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े इन मुद्दों पर राष्ट्रपति को अवगत कराया जाना चाहिए। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी उठाई जा रही है। हालांकि, राष्ट्रपति भवन की ओर से विपक्षी नेताओं को मुलाकात के लिए अब तक समय नहीं दिए जाने की बात सामने आई है।
राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं से किया संपर्क
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इंडी गठबंधन के प्रमुख नेताओं से संपर्क कर उन्हें दिल्ली आने का आग्रह किया है। इनमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल हैं।
ममता बनर्जी ने गुरुवार को कोलकाता से दिल्ली रवाना होने से पहले संकेत दिया कि उन्हें वोट चोरी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए राजधानी आने को कहा गया है। विपक्षी गठबंधन इस मुद्दे पर एकजुट होकर अपनी मांगें राष्ट्रपति के सामने रखना चाहता है।
राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए दोबारा भेजा गया अनुरोध
विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के लिए पहले भी अनुरोध किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दो अक्टूबर को पहला पत्र भेजा गया था। इसके बाद राष्ट्रपति भवन की ओर से बैठक में शामिल होने वाले नेताओं के नाम मांगे गए। विपक्ष ने पांच अक्टूबर को नेताओं के नामों के साथ दोबारा अनुरोध भेजते हुए सात, आठ या नौ अक्टूबर को मुलाकात का समय देने की मांग की थी।
विपक्षी नेताओं के मुताबिक, उन्हें अब तक मुलाकात के लिए कोई निश्चित समय नहीं मिला है। इसी वजह से गठबंधन ने आगे की रणनीति के तहत प्रदर्शन और मार्च का विकल्प खुला रखा है।
संविधान सदन में बैठक के बाद प्रदर्शन की तैयारी
इंडी गठबंधन के सांसद शुक्रवार दोपहर तीन बजे संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद वोट चोरी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किए जाने की संभावना है।
विपक्षी नेताओं के अनुसार, यदि राष्ट्रपति से मुलाकात का समय नहीं मिलता है तो विरोध दर्ज कराने के अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। इनमें राष्ट्रपति भवन और अन्य प्रमुख संवैधानिक पदाधिकारियों के कार्यालयों या आवासों के आसपास प्रदर्शन की संभावनाएं शामिल हैं।
फिलहाल विपक्ष की अगली रणनीति राष्ट्रपति भवन से मिलने वाले जवाब और गठबंधन की बैठक में होने वाले फैसलों पर निर्भर करेगी। इस पूरे घटनाक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए गए सवाल और मतदाता सूची से जुड़े आरोप राजनीतिक बहस के प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।











