नई दिल्ली, भारत:
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में हुए उपचुनावों के नतीजे शुक्रवार, 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर छह अक्टूबर को मतदान हुआ था। मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू होगी। इन चुनावों के परिणाम संबंधित राज्यों में राजनीतिक दलों की स्थिति और मतदाताओं के रुझान का संकेत दे सकते हैं। खास तौर पर पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदर्शन और तमिलनाडु में टीवीके सरकार की लोकप्रियता पर सबकी नजर रहेगी।
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर, तमिलनाडु की मदुरंताकम और धारापुरम तथा पुडुचेरी की थट्टनचावड़ी विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए हैं। इसके अलावा असम की नागांव लोकसभा सीट पर भी मतदान कराया गया था।
पश्चिम बंगाल में भाजपा के सामने पहली बड़ी चुनौती
पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के परिणाम को लेकर राजनीतिक हलकों में विशेष दिलचस्पी है। राज्य में 15 साल तक सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को हराकर भाजपा सरकार बनाने में सफल हुई थी। ऐसे में इन उपचुनावों को सत्ता में आने के बाद भाजपा के प्रदर्शन की अहम परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। दोनों सीटों पर लगभग 80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
नंदीग्राम का बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक महत्व रहा है। वर्ष 2011 में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हुए आंदोलन ने राज्य की राजनीति को नई दिशा दी थी और तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने का रास्ता मजबूत किया था। सुवेंदु अधिकारी वर्ष 2021 और 2026 में इस सीट से जीत चुके हैं। इस बार भाजपा ने हसीरानी राठ को उम्मीदवार बनाया है। उनके बेटे चंद्रनाथ राठ की भाजपा की जीत के दो दिन बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
नंदीग्राम में विपक्षी दलों के बीच भी समीकरण महत्वपूर्ण हैं। ममता बनर्जी के गुट ने अपना उम्मीदवार वापस लेकर कांग्रेस के मिलन प्रधान को समर्थन दिया है, जबकि रिताब्रत बनर्जी का गुट अलग चुनाव लड़ रहा है। रेजीनगर में भाजपा, तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों, कांग्रेस और माकपा के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है।
तमिलनाडु में टीवीके सरकार की परीक्षा
तमिलनाडु की मदुरंताकम और धारापुरम विधानसभा सीटों के नतीजे भी अहम माने जा रहे हैं। मई में सत्ता संभालने वाली टीवीके सरकार के लिए ये उपचुनाव शुरुआती राजनीतिक संकेत दे सकते हैं। अन्नाद्रमुक इन दोनों सीटों पर दोबारा जीत हासिल करना चाहती है। ये सीटें अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में टीवीके के खाते में गई थीं।
मदुरंताकम में 86.26 प्रतिशत और धारापुरम में 80.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। विधानसभा चुनाव की तुलना में मतदान कम रहने के कारण परिणामों को लेकर राजनीतिक दलों की निगाहें मतदाताओं के रुझान पर टिकी हैं।
असम और पुडुचेरी में भी मुकाबला अहम
असम की नागांव लोकसभा सीट पर भाजपा, कांग्रेस और एआईयूडीएफ के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। भाजपा के देवाशीष शर्मा, कांग्रेस के सिबामोनी बोरा और एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल प्रमुख दावेदार हैं। यह सीट कांग्रेस सांसद प्रद्युत बरदोलोई के पार्टी छोड़ने के बाद खाली हुई थी। उन्होंने भाजपा में शामिल होकर दिसपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी। नागांव में लगभग 76 प्रतिशत मतदान हुआ।
वहीं, पुडुचेरी की थट्टनचावड़ी विधानसभा सीट पर 80.8 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के इस सीट को छोड़कर मंगलम सीट अपने पास रखने के बाद यहां उपचुनाव कराया गया।
अब मतगणना के बाद स्पष्ट होगा कि इन चार क्षेत्रों में मतदाताओं ने किस दल पर भरोसा जताया है। इन नतीजों से पश्चिम बंगाल में भाजपा की स्थिति, तमिलनाडु में टीवीके की राजनीतिक पकड़ और असम में प्रमुख दलों के बीच मुकाबले की दिशा को समझने में मदद मिल सकती है।











