कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में सरकारी स्कूल के दो प्रवक्ताओं के निर्धारित पाठ्यपुस्तकों के बजाय व्यावसायिक गाइड बुक से विद्यार्थियों को पढ़ाने का मामला सामने आया है। औचक निरीक्षण के दौरान इसका पता चलने के बाद स्कूल शिक्षा निदेशालय ने दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें 28 अक्टूबर को शिक्षा निदेशक के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं।
यह मामला राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल लाहला का है। 17 अक्टूबर को स्कूल में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता मान चंद और इतिहास के प्रवक्ता राजेश कुमार निर्धारित पाठ्यपुस्तकों की जगह गैर-अनुमोदित व्यावसायिक गाइड बुक से विद्यार्थियों को पढ़ाते हुए पाए गए। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों प्रवक्ताओं से जवाब मांगने की प्रक्रिया शुरू की।
विभागीय निर्देशों के उल्लंघन पर मांगा गया जवाब
स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में दोनों शिक्षकों से पूछा गया है कि विभागीय निर्देशों की अवहेलना करने के मामले में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। शिक्षा निदेशक आशीष कोहली के समक्ष दोनों प्रवक्ताओं को 28 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना लिखित स्पष्टीकरण देना होगा।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में विभाग उपलब्ध तथ्यों के आधार पर एकतरफा कार्रवाई कर सकता है। ऐसे में शिक्षकों को तय तारीख पर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। उनके जवाब मिलने के बाद विभाग मामले से संबंधित तथ्यों की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई के बारे में निर्णय लेगा।
पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश
सरकारी स्कूलों में निर्धारित पाठ्यपुस्तकों से पढ़ाई कराने को लेकर शिक्षा विभाग पहले भी निर्देश जारी कर चुका है। विभाग ने 18 और 20 अगस्त, 2025 को सर्कुलर जारी किए थे। इनमें हेल्पबुक से पढ़ाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। विभाग ने शिक्षण कार्य के दौरान निर्धारित पाठ्यपुस्तकों के इस्तेमाल पर जोर दिया था।
इन निर्देशों का उद्देश्य विद्यार्थियों को निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई उपलब्ध कराना है। विभाग के अनुसार, स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के स्थान पर गैर-अनुमोदित गाइड बुक का इस्तेमाल करने से पढ़ाई की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
गलत जानकारी मिलने की आशंका
शिक्षा विभाग का कहना है कि गैर-अनुमोदित व्यावसायिक गाइड बुक पर निर्भरता से विद्यार्थियों को अधूरी या गलत जानकारी मिलने की आशंका रहती है। इससे विषयों की समझ प्रभावित हो सकती है और विद्यार्थियों को निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप पढ़ाई करने में परेशानी आ सकती है। इसी वजह से स्कूलों में तय पाठ्यपुस्तकों से शिक्षण कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कांगड़ा जिले के लाहला स्कूल में सामने आया यह मामला विभागीय निर्देशों के पालन से जुड़ा है। औचक निरीक्षण के दौरान दो विषयों के प्रवक्ताओं के गाइड बुक से पढ़ाने की जानकारी मिलने के बाद निदेशालय ने औपचारिक रूप से जवाब मांगा है।
फिलहाल दोनों शिक्षकों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। 28 अक्टूबर को होने वाली पेशी और उनके लिखित स्पष्टीकरण के बाद ही विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।












