आरा, बिहार। भोजपुर जिले के आरा में सेवानिवृत्त कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित चंदन सिंह और उसके साथी अभिषेक यादव को पश्चिम बंगाल के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। तीसरे आरोपित टीपू सिंह को आरा से पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे जमीन पर दखल-कब्जे को लेकर विवाद था। मामले में शामिल तीन शूटरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापामारी जारी है।
पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने बुधवार को बताया कि रामकुमार सिंह की हत्या 15 अक्टूबर की सुबह आरा के नवादा थाना क्षेत्र स्थित कनकपुरी मोहल्ले में की गई थी। वारदात के बाद आरोपितों को पकड़ने के लिए विशेष जांच टीम (एसआइटी) गठित की गई थी। उनकी गिरफ्तारी के लिए बिहार के साथ पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में पटना एसटीएफ की मदद ली गई।
सिलीगुड़ी और गंगटोक में छिपे थे आरोपित
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपित चंदन सिंह और अभिषेक यादव गिरफ्तारी से बचने के लिए सिलीगुड़ी तथा गंगटोक के होटलों में नाम बदलकर रह रहे थे। पुलिस की दबिश बढ़ने पर दोनों हवाई जहाज से पश्चिम बंगाल चले गए। इसके बाद पुलिस ने दमदम एयरपोर्ट पर तलाशी अभियान तेज किया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय भी दोनों अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे।
चंदन सिंह भोजपुर के बड़की सिंगही गांव का निवासी है, जबकि अभिषेक यादव बिंद टोली का रहने वाला है। पुलिस अब दोनों से पूछताछ के आधार पर हत्याकांड की साजिश और उसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
20 दिन पहले रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार, सिंगही गांव स्थित जमीन पर रामकुमार सिंह का वर्ष 2006 से कब्जा था। इसी जमीन को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। आरोप है कि चंदन सिंह ने करीब 20 दिन पहले अपने सहयोगियों के साथ मिलकर रामकुमार सिंह की हत्या की साजिश रची थी। शुरुआती पूछताछ में तीन शूटरों को सुपारी देकर बुलाए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही है।
पांच लाख रुपये की निकासी और नए मोबाइल की जांच
अनुसंधान के दौरान पुलिस को पता चला कि वारदात से तीन-चार दिन पहले चंदन सिंह ने अपने बैंक खाते से पांच लाख रुपये निकाले थे। उसकी पत्नी चांदनी के खाते में भी रुपये स्थानांतरित किए गए थे। पुलिस इन लेनदेन की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रकम का इस्तेमाल हत्या की साजिश में हुआ था या नहीं।
जांच में करीब 12 हजार रुपये में नया मोबाइल फोन और सिम कार्ड खरीदे जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि पहचान छिपाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए इनका इस्तेमाल किया गया होगा।
घर से पिस्टल बरामद, अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच
पुलिस ने चंदन सिंह के घर पर छापामारी कर एक पिस्टल बरामद की है। हालांकि, इस हथियार का इस्तेमाल हत्याकांड में हुआ था या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस चंदन सिंह की पत्नी चांदनी की संभावित भूमिका और जमीन से जुड़े अन्य विवादों की भी जांच कर रही है।
तीसरे आरोपित टीपू सिंह को आरा से गिरफ्तार किया गया है। वह सरकारी अमीन बताया जा रहा है और उसे मामले में आरोपित बनाया जाएगा। इससे पहले मनोज सिंह उर्फ लक्की को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि मामले में फरार तीन शूटरों की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा हो सकता है।












