नई दिल्ली, दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। देश में विकसित तीन स्वदेशी AI मॉडल ईकेए-1, धीर 2बी और धीर 5बी मंगलवार को लॉन्च किए गए। इन मॉडलों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से धीर 2बी और धीर 5बी को मोबाइल फोन पर बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे AI तकनीक को उन क्षेत्रों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ेंगी, जहां इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है या सीमित है।
तीनों मॉडल इंडिया AI मिशन के तहत घरेलू कंपनियों ने विकसित किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इन्हें लॉन्च किया। इस पहल का उद्देश्य भारत में स्वदेशी AI क्षमताओं का विकास करना और देश की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराना है।
ईकेए-1 में 26 अरब पैरामीटर, 100 से अधिक भाषाओं का समर्थन
ईकेए-1 को बेंगलुरु स्थित साकेट AI ने विकसित किया है। यह 26 अरब पैरामीटर वाला AI मॉडल है, जिसे 7.5 ट्रिलियन टोकन पर प्रशिक्षित किया गया है। इसकी मदद से 100 से अधिक भारतीय और विदेशी भाषाओं में काम किया जा सकता है। इसके अलावा यह विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं को भी समझने में सक्षम है।
इस मॉडल का इस्तेमाल गणित के सवाल हल करने, कोडिंग और जटिल समस्याओं का विश्लेषण करने में किया जा सकता है। साकेट AI के सीईओ अभिषेक उप्परवाल के अनुसार, इस मॉडल को भारत के बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और साइबर सुरक्षा क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
धीर 2बी और धीर 5बी की खासियत, ऑफलाइन चलेगा AI
धीर 2बी और धीर 5बी को जेंटेआइक्यू ने विकसित किया है। इन दोनों मॉडलों की सबसे बड़ी खासियत इनका मोबाइल पर सीधे काम करना है। इनके इस्तेमाल के लिए इंटरनेट या लगातार क्लाउड कनेक्टिविटी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी।
ये मॉडल अंग्रेजी के साथ 10 भारतीय भाषाओं में काम करने में सक्षम हैं। इनकी सहायता से दस्तावेजों में मौजूद जानकारी के आधार पर सवालों के जवाब प्राप्त किए जा सकते हैं। साथ ही जरूरी सूचनाएं खोजने में भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।
इन मॉडलों को विकसित करने के लिए गूगल क्लाउड के टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट (TPU) का उपयोग किया गया है। जेंटेआइक्यू के सीईओ प्रो. शशिकुमार के अनुसार, इनका हल्का आर्किटेक्चर इन्हें अलग-अलग कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म पर चलाने में मदद करता है।
एआईकोश प्लेटफॉर्म पर मिलेगी उपलब्धता
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि स्वदेशी AI मॉडल भारत की तकनीकी और रणनीतिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करेंगे। तीनों मॉडलों को एआईकोश प्लेटफॉर्म के माध्यम से शोधकर्ताओं, छात्रों, स्टार्टअप, कंपनियों और आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया है।
इन मॉडलों से शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, उद्योग, कोडिंग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में AI तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।












