नई दिल्ली, दिल्ली। भारतीय किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार के नए अवसर सामने आ रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के अनार और अरुणाचल प्रदेश की कीवी की खेप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई बाजार पहुंच गई है। इस पहल से भारतीय फल उत्पादकों को विदेशी बाजार में अपने उत्पाद बेचने का अवसर मिला है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अनार किसानों को घरेलू बाजार की तुलना में करीब 50 प्रतिशत अधिक कीमत मिली है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने इस निर्यात प्रक्रिया में सहयोग किया है। इसके तहत हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से सिंदूरी किस्म के अनार और अरुणाचल प्रदेश के जीरो क्षेत्र से कीवी का निर्यात किया गया है।
कितनी मात्रा में भेजे गए फल?
मंत्रालय के मुताबिक, कुल्लू से 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी किस्म के अनार दुबई भेजे गए हैं। वहीं, अरुणाचल प्रदेश के जीरो से 1.5 मीट्रिक टन कीवी की खेप भी संयुक्त अरब अमीरात पहुंची है।
इन दोनों खेपों को परीक्षण के तौर पर निर्यात किया गया है। इसका उद्देश्य दुबई के बाजार में भारतीय फलों की मांग और उनकी बिक्री की संभावनाओं का आकलन करना है। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि विदेशी बाजारों में भारतीय फलों के लिए कितनी संभावनाएं मौजूद हैं।
किसानों की आमदनी बढ़ाने में मिलेगी मदद
विदेशी बाजारों तक पहुंच बनने से किसानों को घरेलू बाजार पर निर्भरता कम करने और बेहतर कीमत प्राप्त करने के अवसर मिल सकते हैं। अनार किसानों को घरेलू बाजार की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक दाम मिलने की जानकारी इस निर्यात पहल को महत्वपूर्ण बनाती है।
APEDA की सहायता से देश के अलग-अलग राज्यों में उत्पादित फलों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय कृषि उत्पादों की पहचान बढ़ने और किसानों को नए खरीदार मिलने की संभावनाएं बन सकती हैं।
दुबई भेजी गई अनार और कीवी की ये परीक्षण खेप भारतीय कृषि निर्यात के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। यदि विदेशी बाजार में इन फलों की मांग अच्छी रहती है, तो भविष्य में इनके निर्यात का दायरा बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।












