वाशिंगटन, अमेरिका। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। चुनावी आंकड़ों से संकेत मिला है कि महिला मतदाताओं के बदले रुख ने डेमोक्रेट उम्मीदवारों को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। एग्जिट पोल के अनुसार, 61 प्रतिशत महिलाओं ने डेमोक्रेट उम्मीदवारों का समर्थन किया, जबकि 38 प्रतिशत महिलाओं ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों को वोट दिया। वर्ष 2024 के मुकाबले महिला मतदाताओं के रुझान में 13 प्रतिशत का बदलाव दर्ज किया गया है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस बार करीब 6.4 करोड़ महिलाओं ने मतदान किया। इसके मुकाबले पुरुष मतदाताओं की संख्या लगभग 5.6 करोड़ रही। कुल मतदान में महिलाओं की हिस्सेदारी 53 प्रतिशत दर्ज की गई। इससे स्पष्ट हुआ कि अमेरिकी चुनाव में महिला मतदाताओं ने निर्णायक भूमिका निभाई।
युवा महिलाओं ने डेमोक्रेट्स पर जताया भरोसा
18 से 29 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं में डेमोक्रेट उम्मीदवारों को सबसे अधिक समर्थन मिला। इस वर्ग की लगभग 70 प्रतिशत महिलाओं ने डेमोक्रेट्स के पक्ष में मतदान किया। यह समर्थन 2024 के चुनाव की तुलना में नौ प्रतिशत अधिक रहा।
अश्वेत महिलाओं में डेमोक्रेट उम्मीदवारों को 93 प्रतिशत समर्थन मिला। वहीं, लैटिनो महिलाओं के बीच भी पार्टी की स्थिति मजबूत रही और 68 प्रतिशत महिलाओं ने डेमोक्रेट्स को वोट दिया।
चुनाव से पहले हुए सर्वेक्षणों में भी महिला मतदाताओं का झुकाव डेमोक्रेट उम्मीदवारों की ओर दिखाई दे रहा था। हालांकि, मतदान के बाद सामने आए एग्जिट पोल के आंकड़ों ने इस रुझान को और स्पष्ट कर दिया।
ट्रंप की नीतियों से नाराज युवाओं का बदला रुख
चुनावी नतीजों में युवा मतदाताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। ट्रंप की नीतियों से नाराज युवाओं ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के बजाय डेमोक्रेट्स का समर्थन किया। इससे रिपब्लिकन पार्टी के सामने युवा मतदाताओं के बीच अपना भरोसा दोबारा कायम करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
महिला उम्मीदवारों ने भी बनाया नया रिकॉर्ड
इस चुनाव में महिला उम्मीदवारों की सफलता भी खास चर्चा में रही। अमेरिकी इतिहास में पहली बार प्रतिनिधि सभा के लिए करीब 100 महिलाएं चुनी गईं। यह उपलब्धि अमेरिकी राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।
कुल मिलाकर, महिला और युवा मतदाताओं के रुझान में बदलाव ने अमेरिकी राजनीति का चुनावी समीकरण प्रभावित किया है। रिपब्लिकन पार्टी के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का संकेत है, जबकि डेमोक्रेट्स को इससे नई राजनीतिक ताकत मिली है।












