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डिजिटल गिरफ्तारी के चक्कर में गिरोह का शिकार हुई बुज़ुर्ग महिला, करोड़ों रकम ठगों के पास चली गई

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दिल्ली में साइबर ठगों ने दिन “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर बुज़ुर्ग महिला से . करोड़ रुपये ठग लिए

 

दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक बुज़ुर्ग महिला साइबर ठगी का शिकार बन गई, जब ठगों ने उसे “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर कुल .9 करोड़ रुपये ठग लिए। यह घटनाक्रम दक्षिण दिल्ली के एक घर में जनवरी से जनवरी तक चला, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई।

पीड़िता की पहचान 69 वर्षीय मीनाक्षी आहुजा के रूप में हुई है, जो एक फर्नीचर व्यवसाय चलाती हैं और पति के निधन के बाद अकेले रहती हैं। ठगों ने खुद को जांच एजेंसियों और प्राधिकरणों के अधिकारी बताकर महिला को डराया। उन्होंने कहा कि महिला के नाम पर सिम कार्ड का उपयोग अवैध गतिविधियों के लिए किया गया है और वह मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच के दायरे में है। अगर सहयोग नहीं किया गया तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

ठगों ने महिला को किसी से सपर्क न करने के लिए बाध्य किया और उसे लगातार फोन तथा डिजिटल निगरानी (video calls आदि) में रखा। अत्यधिक मानसिक दबाव में आकर महिला ने 9 को ₹ करोड़, फिर को ₹.6 करोड़ और ₹. करोड़ – कुल ₹6.9 करोड़ — तीन अलग‑अलग RTGS ट्रांज़ेक्शंस के ज़रिए अलग‑अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।

सबसे पहले बड़े लेन‑देन के बाद बैंक कर्मियों को शक हुआ और उन्होंने महिला से सत्यापन के लिए संपर्क किया। उसने डर के कारण कहा कि यह पैसे उसकी बेटी के लिए संपत्ति खरीद में जा रहे हैं। लेकिन जब ठग संपर्क काट गए, तब महिला को असली धोखे का एहसास हुआ और उसने दिल्ली पुलिस के साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने जनवरी को FIR दर्ज कर ली है और जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनकी जांच की जा रही है। साथ ही, अधिकारियों द्वारा ठगों और पैसे के रूट को ट्रेस करने के प्रयास जारी हैं। यह दिल्ली का दूसरा बड़ा डिजिटल अरेस्ट मामला है, पहले भी इसी तरह के साइबर फ्रॉड में एनआरआई दंपत्ति करोड़ों का शिकार बने थे।

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