
इंसाफ की आस फिर टूटी, दंगा पीड़ितों की पीड़ा आई सामने
साल 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के बरी होने के बाद दंगा पीड़ितों का दर्द एक बार फिर सामने आ गया है। फैसले के बाद पीड़ित परिवारों ने गहरी नाराजगी और मायूसी जाहिर करते हुए कहा कि चार दशक बीत जाने के बावजूद उन्हें आज भी








