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गंभीर धुंध के बीच दिल्ली में आधे कर्मचारियों को घर से काम का निर्देश

air pollution

दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है और हालात इस हद तक बिगड़ गए हैं कि कई क्षेत्रों में के ऊपर दर्ज किया गया है। यह स्तर ‘गंभीर' श्रेणी में माना जाता है और स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। प्रदूषण के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से सख्त निर्देश जारी किए हैं। सरकारी और निजी दोनों प्रकार के दफ्तरों में अब 50% कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देना अनिवार्य किया गया है।

राज्य सरकार के अनुसार, यह कदम वायु प्रदूषण को कम करने और सड़कों पर वाहनों की संख्या घटाने के लिए उठाया गया है। अनुमान है कि ऑफिस आवागमन में कमी आने से दिल्ली की हवा में मौजूद और के स्तर में तुलनात्मक रूप से थोड़ी राहत मिल सकती है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां सतत मॉनिटरिंग के दौरान से अधिक पाया गया, वहां प्रभाव अधिक देखने की उम्मीद है।

फिलहाल दिल्ली के लगभग 15 प्रदूषण मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI ‘गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया गया है। यह स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी रोगियों के लिए विशेष रूप से खतरनाक है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी खराब वायु गुणवत्ता के लंबे समय तक संपर्क में रहने से आंखों में जलन, गले में खराश, सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ की समस्या तेजी से बढ़ सकती है।

सरकार ने लोगों को अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, मास्क का उपयोग बढ़ाने, एयर प्यूरीफायर चलाने और कसरत या दौड़ लगाने से परहेज करने की सलाह दी है। साथ ही निर्माण कार्यों, खुले में कचरा जलाने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

प्रशासन के इस कदम से उम्मीद है कि स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में आएगी, लेकिन प्रदूषण की वास्तविक समस्या का समाधान व्यापक और दीर्घकालिक उपायों से ही संभव है। दिल्ली-NCR में आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

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