शिमला, हिमाचल प्रदेश।

राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के प्रवक्ता एवं ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर ने कहा कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जानी चाहिए, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो सके और सच्चाई देश के सामने आ सके।
शिमला में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कुलदीप राठौर ने कहा कि राम मंदिर देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों की गंभीरता से जांच होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि मामले में किसी भी स्तर पर कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस विधायक ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है और दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आरोपों से देशभर के श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं प्रभावित होती हैं, इसलिए मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराई जानी चाहिए।
राठौर ने दावा किया कि यह मामला केवल कुछ करोड़ रुपये तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि मंदिर में वर्षों से आए चढ़ावे की राशि को देखते हुए इसकी व्यापक जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए किसी स्वतंत्र और विश्वसनीय जांच एजेंसी की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच होने से लोगों का भरोसा भी कायम रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल से जुड़े आर्थिक मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। कांग्रेस का कहना है कि जांच निष्पक्ष होगी तो यदि कोई अनियमितता नहीं हुई है तो वह भी स्पष्ट हो जाएगी और यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सकेगी।
फिलहाल इस मामले में कुलदीप राठौर द्वारा लगाए गए आरोपों और जांच की मांग को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब इस विषय पर संबंधित पक्षों और केंद्र सरकार की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।











