Home » ताजा खबर » ‘पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ विमान तकनीक विकसित करेगा भारत’, स्वदेशी रक्षा उत्पादन की रफ्तार को सराहा By Digital Desk Edited By: Jeet Kumar Published: Sun, 11 Oct 2026 02:10 AM (GMT+05:30) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने देश की रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वदेशी हथियारों और महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों के उत्पादन की आवश्यकता पर जोर दिया। preferred source google रक्षा मंत्री ने स्वदेशी हथियारों के उत्पादन की आवश्यकता पर दिया जोर रक्षा मंत्री ने स्वदेशी हथियारों के उत्पादन की आवश्यकता पर दिया जोर HighLights रक्षा मंत्री ने स्वदेशी हथियारों के उत्पादन की आवश्यकता पर दिया जोर कहा- तकनीकी विकास के साथ तेजी से बदल रही युद्ध की प्रकृति जागरण संवाददाता, जोधपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने देश की रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वदेशी हथियारों और महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों के उत्पादन की आवश्यकता पर जोर दिया। विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें उन्होंने कहा कि तकनीकी विकास के साथ आधुनिक युद्ध की प्रकृति तेजी से बदल रही है और भविष्य की सैन्य क्षमताएं केवल हथियारों की संख्या से नहीं, बल्कि गति, सटीकता, सूचना और समन्वय से निर्धारित होंगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ विमान तकनीक विकसित करने के साथ-साथ छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों और स्वदेशी विमान इंजनों के विकास की दिशा में भी काम कर रहा है। गौरतलब है कि स्टील्थ विमान को दुश्मन के रडार की पकड़ में आने से बचाने के लिए विशेष तकनीक से बनाया जाता है। सरल शब्दों में इसे अदृश्य विमान भी कहा जाता है, हालांकि, यह पूरी तरह अदृश्य नहीं होता, बल्कि रडार की स्क्रीन पर इसका सिग्नेचर बहुत छोटा होता है हवाई युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर की टीम ने शानदार हवाई करतबों का प्रदर्शन किया।

‘पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ विमान तकनीक विकसित करेगा भारत’, स्वदेशी रक्षा उत्पादन की रफ्तार को सराहा By Digital Desk Edited By: Jeet Kumar Published: Sun, 11 Oct 2026 02:10 AM (GMT+05:30) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने देश की रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वदेशी हथियारों और महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों के उत्पादन की आवश्यकता पर जोर दिया। preferred source google रक्षा मंत्री ने स्वदेशी हथियारों के उत्पादन की आवश्यकता पर दिया जोर रक्षा मंत्री ने स्वदेशी हथियारों के उत्पादन की आवश्यकता पर दिया जोर HighLights रक्षा मंत्री ने स्वदेशी हथियारों के उत्पादन की आवश्यकता पर दिया जोर कहा- तकनीकी विकास के साथ तेजी से बदल रही युद्ध की प्रकृति जागरण संवाददाता, जोधपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने देश की रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वदेशी हथियारों और महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों के उत्पादन की आवश्यकता पर जोर दिया। विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें उन्होंने कहा कि तकनीकी विकास के साथ आधुनिक युद्ध की प्रकृति तेजी से बदल रही है और भविष्य की सैन्य क्षमताएं केवल हथियारों की संख्या से नहीं, बल्कि गति, सटीकता, सूचना और समन्वय से निर्धारित होंगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ विमान तकनीक विकसित करने के साथ-साथ छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों और स्वदेशी विमान इंजनों के विकास की दिशा में भी काम कर रहा है। गौरतलब है कि स्टील्थ विमान को दुश्मन के रडार की पकड़ में आने से बचाने के लिए विशेष तकनीक से बनाया जाता है। सरल शब्दों में इसे अदृश्य विमान भी कहा जाता है, हालांकि, यह पूरी तरह अदृश्य नहीं होता, बल्कि रडार की स्क्रीन पर इसका सिग्नेचर बहुत छोटा होता है हवाई युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर की टीम ने शानदार हवाई करतबों का प्रदर्शन किया।

जोधपुर, राजस्थान। भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ विमान तकनीक विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को जोधपुर में आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ के दौरान स्वदेशी हथियारों और महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों के उत्पादन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए आधुनिक तकनीक का विकास और घरेलू उत्पादन आवश्यक है।

रक्षा मंत्री ने आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीकी विकास के कारण सैन्य अभियानों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। भविष्य के युद्धों में केवल हथियारों की संख्या ही महत्वपूर्ण नहीं होगी, बल्कि गति, सटीकता, सूचना और विभिन्न सैन्य इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय भी निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

पांचवीं और छठी पीढ़ी के विमानों पर काम

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ विमान तकनीक विकसित करने के साथ छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों और स्वदेशी विमान इंजनों के विकास की दिशा में भी काम कर रहा है। इन क्षेत्रों में तकनीकी क्षमता विकसित करना देश की रक्षा जरूरतों को पूरा करने और महत्वपूर्ण सैन्य प्रौद्योगिकियों के लिए विदेशी निर्भरता कम करने के प्रयासों का हिस्सा है।

पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों में स्टील्थ तकनीक का विशेष महत्व होता है। इसके माध्यम से विमान की रडार पर पहचान को कम करने के लिए विशेष डिजाइन और तकनीकी उपाय अपनाए जाते हैं। ऐसे विमान दुश्मन की निगरानी प्रणालियों से बचने और सैन्य अभियानों के दौरान अपनी स्थिति को छिपाए रखने में मदद पा सकते हैं।

हालांकि, स्टील्थ विमान पूरी तरह अदृश्य नहीं होते। उनकी बनावट और अन्य तकनीकों का उद्देश्य रडार पर दिखाई देने वाले संकेत को कम करना होता है।

स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर जोर

रक्षा मंत्री ने देश की सैन्य आवश्यकताओं के अनुरूप हथियारों और महत्वपूर्ण तकनीकों का घरेलू स्तर पर उत्पादन बढ़ाने की जरूरत बताई। आधुनिक युद्ध में सूचना, सटीक निशाना लगाने की क्षमता और त्वरित कार्रवाई का महत्व बढ़ने के कारण रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान एवं तकनीकी विकास की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है।

तरंग शक्ति-2026 में भारतीय वायुसेना का प्रदर्शन

जोधपुर में आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर टीम ने हवाई करतबों का प्रदर्शन किया। इस आयोजन में आधुनिक हवाई संचालन और वायुसेना की क्षमताओं से संबंधित गतिविधियां प्रमुख रहीं।

भारत की पांचवीं और छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों तथा स्वदेशी विमान इंजनों के विकास की दिशा में जारी कोशिशें देश की दीर्घकालिक रक्षा तकनीक संबंधी योजनाओं का हिस्सा हैं। इन परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति और परिचालन क्षमता उनके तकनीकी विकास, परीक्षण और आगे की प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।

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