बगदाद/तेहरान: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इराक के समुद्री क्षेत्र के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए विस्फोट ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इराक के उम्म कसर बंदरगाह से करीब 40 समुद्री मील दूर खाड़ी क्षेत्र में एक कार्गो शिप पर दो विस्फोट होने की सूचना मिली है। शुरुआती रिपोर्टों में इनमें से एक धमाके को ड्रोन हमले से जोड़कर देखा गया, जबकि बाद में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जहाज पर मिसाइल हमला करने का दावा किया।
ईरानी मीडिया में प्रसारित बयानों के अनुसार, IRGC ने दावा किया है कि उसने पनामा के झंडे वाले कंटेनर जहाज MSC Sariska V को क्रूज मिसाइल से निशाना बनाया। संगठन का कहना है कि यह कार्रवाई ओमान सागर के पास एक ईरानी जहाज पर हुए कथित अमेरिकी हमले के जवाब में की गई। IRGC ने जहाज को “अमेरिकी स्वामित्व से जुड़ा” बताया है।
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी United Kingdom Maritime Trade Operations (UKMTO) के मुताबिक, जहाज इराक के उम्म कसर बंदरगाह से लगभग 40 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में यात्रा कर रहा था, तभी उसके दाहिने हिस्से पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल के टकराने से बड़ा विस्फोट हुआ। एजेंसी ने घटना की पुष्टि की है, लेकिन हमले की प्रकृति और जिम्मेदार पक्ष को लेकर आधिकारिक निष्कर्ष नहीं दिया है।
इराकी अधिकारियों ने बताया कि पहले विस्फोट के बाद जांच की जा रही थी, तभी दूसरा धमाका हुआ। प्रारंभिक आकलन में दूसरे विस्फोट को ड्रोन हमले से जोड़कर देखा गया। घटना के बाद जहाज पर आग लग गई थी, जिसे बाद में नियंत्रित कर लिया गया।
हालांकि, मामले में अब भी पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कुछ क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि जहाज उम्म कसर बंदरगाह पर माल उतारने के बाद इराकी जलक्षेत्र में मौजूद था और शुरुआती जांच में यांत्रिक या तकनीकी खराबी की संभावना भी सामने आई है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अभी तक ऐसा कोई निर्णायक सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि विस्फोट पूरी तरह बाहरी हमले का परिणाम था।
राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं। किसी के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियां और संबंधित अधिकारी घटना की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह हमला वास्तव में किसी मिसाइल या ड्रोन के जरिए किया गया है, तो यह खाड़ी क्षेत्र में समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सुरक्षा के लिए गंभीर संकेत हो सकता है। वहीं, तकनीकी खराबी की संभावना को लेकर चल रही जांच के कारण अंतिम निष्कर्ष आने तक स्थिति को लेकर कई सवाल बने हुए हैं।












