नई दिल्ली, दिल्ली
मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए आने वाले महीनों में रिचार्ज का खर्च बढ़ सकता है। एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, अगले चार से पांच महीनों में मोबाइल रिचार्ज प्लान की कीमतों में 12 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। रिपोर्ट में टेलीकॉम उद्योग में कंपनियों की संख्या घटने और मूल्य निर्धारण के अनुकूल माहौल को संभावित बढ़ोतरी से जोड़कर देखा गया है।
सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के औसत राजस्व प्रति ग्राहक यानी एआरपीआई में 0.8 से 2 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।
रिपोर्ट में एआरपीआई बढ़ने के पीछे कई कारण बताए गए हैं। इनमें ग्राहकों का 2जी से 4जी और 5जी सेवाओं की ओर स्थानांतरण, पोस्टपेड ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी और तिमाही में दिनों की अधिक संख्या शामिल है।
टेलीकॉम कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी को लेकर भी रिपोर्ट में सकारात्मक अनुमान दिया गया है। जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया की बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि जारी रहने की बात कही गई है।
जियो सबसे अधिक ग्राहक जोड़ सकती है
रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान रिलायंस जियो करीब 80 लाख ग्राहक जोड़ सकती है। वहीं भारती एयरटेल के करीब 30 लाख और वोडाफोन आइडिया के करीब 10 लाख ग्राहक बढ़ने का अनुमान है।
ग्राहकों के बीच 4जी और 5जी सेवाओं की बढ़ती मांग का असर टेलीकॉम कंपनियों के कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। कंपनियां अपने नेटवर्क का विस्तार लगातार कर रही हैं।
95 प्रतिशत से अधिक जिलों में पहुंचा 5जी
रिपोर्ट में बताया गया है कि रिलायंस जियो और भारती एयरटेल ने 95 प्रतिशत से अधिक जिलों को 5जी सेवाओं से कवर कर लिया है। इससे देश में 5जी सेवाओं की पहुंच तेजी से बढ़ी है।
दूसरी ओर, वोडाफोन आइडिया का 5जी नेटवर्क करीब 200 शहरों में मौजूद है। कंपनी अपने 5जी कवरेज को लगातार बढ़ा रही है।
अगले कुछ महीनों में क्या होगा?
रिसर्च रिपोर्ट का अनुमान है कि अगले चार से पांच महीनों में मोबाइल रिचार्ज प्लान 12 से 15 प्रतिशत तक महंगे हो सकते हैं। यदि यह बढ़ोतरी लागू होती है तो मोबाइल सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ेगा।
खासकर उन ग्राहकों पर इसका असर अधिक दिखाई दे सकता है जो नियमित रूप से मोबाइल रिचार्ज कराते हैं। हालांकि, अभी यह एक रिसर्च रिपोर्ट में जताया गया अनुमान है। वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी और कब लागू होगी, यह संबंधित टेलीकॉम कंपनियों के फैसले पर निर्भर करेगा।
टेलीकॉम उद्योग में कंपनियों की संख्या, ग्राहकों का 2जी से 4जी और 5जी की ओर बढ़ता रुझान, पोस्टपेड ग्राहकों की संख्या और 5जी नेटवर्क के विस्तार जैसे कारक आने वाले समय में मोबाइल सेवाओं की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।











