नई दिल्ली, दिल्ली
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। अपने दमदार अभिनय और बुलंद आवाज के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर का शुरुआती जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा। आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए कला के क्षेत्र में शिक्षा हासिल की।
13 साल की उम्र में शुरू किया काम
नाना पाटेकर का बचपन कठिन परिस्थितियों में गुजरा। पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उन्होंने महज 13 साल की उम्र में काम करना शुरू कर दिया था। हालांकि, काम करने के साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी।
बचपन से ही नाना पाटेकर की रुचि कला और रचनात्मक कार्यों में थी। इसी रुचि को उन्होंने आगे चलकर अपनी शिक्षा और करियर का हिस्सा बनाया।
समर्थ विद्यालय से की शुरुआती पढ़ाई
नाना पाटेकर ने अपनी शुरुआती शिक्षा समर्थ विद्यालय से पूरी की। स्कूली शिक्षा के दौरान ही उनकी कला और रचनात्मक गतिविधियों में दिलचस्पी बनी रही।
आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई को बीच में नहीं छोड़ा और आगे की शिक्षा हासिल करने पर ध्यान दिया।
‘एप्लाइड आर्ट्स’ में किया डिप्लोमा
स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद नाना पाटेकर ने अपनी रुचि को पेशेवर रूप देने के लिए ‘एप्लाइड आर्ट्स’ विषय में डिप्लोमा किया। इसके लिए उन्होंने देश के मशहूर कॉलेज से शिक्षा हासिल की।
कला की शिक्षा ने उनके रचनात्मक पक्ष को मजबूत किया। आगे चलकर अभिनय के क्षेत्र में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और हिंदी सिनेमा के प्रमुख कलाकारों में शामिल हुए।
नाना पाटेकर का जीवन इस बात का उदाहरण रहा कि कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा और अपनी रुचि के प्रति लगन के साथ आगे बढ़ा जा सकता है। पढ़ाई के साथ कम उम्र में काम करने के बाद उन्होंने कला की शिक्षा हासिल की और बाद में फिल्म जगत में अपनी मजबूत पहचान बनाई।











