परागपुर, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिले के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए परागपुर को नया उपमंडल (Sub-Division) घोषित किया है। सरकार की ओर से इसके गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। नए उपमंडल का मुख्यालय परागपुर में ही होगा। प्रशासनिक पुनर्गठन से क्षेत्र के लोगों को राजस्व और अन्य सरकारी कार्यों के लिए दूर स्थित कार्यालयों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
सरकार ने परागपुर के लिए उपमंडलाधिकारी (SDM) की तैनाती भी कर दी है। निशांत कुमार ने परागपुर उपमंडल अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। इससे नए उपमंडल में प्रशासनिक कामकाज को औपचारिक रूप से शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।
चार तहसीलों के 46 पटवार सर्किल शामिल
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नए परागपुर उपमंडल के प्रशासनिक क्षेत्र में चार तहसीलों के कुल 46 पटवार सर्किल शामिल किए गए हैं। ये क्षेत्र पहले देहरा उपमंडल के प्रशासनिक क्षेत्राधिकार में आते थे।
नए प्रशासनिक ढांचे के तहत इन क्षेत्रों को अलग करके परागपुर उपमंडल में शामिल किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर राजस्व संबंधी कार्यों और प्रशासनिक सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
पटवार सर्किलों के पुनर्गठन से भूमि रिकॉर्ड, राजस्व मामलों और अन्य संबंधित प्रशासनिक कार्यों को स्थानीय स्तर पर संचालित करने में सुविधा हो सकती है। इससे लोगों को छोटे-छोटे सरकारी कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता भी कम होगी।
जनहित में लिया गया फैसला
सरकार ने इस प्रशासनिक पुनर्गठन को जनहित में आवश्यक कदम बताया है। अधिसूचना में इसके लिए हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम, 1954, रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।
परागपुर को नया उपमंडल बनाने की प्रक्रिया के तहत पहले एसडीएम की तैनाती का निर्णय लिया गया था। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से उपमंडल के गठन की अधिसूचना जारी की गई।
लोगों को मिलेगी प्रशासनिक सुविधा
परागपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए नए उपमंडल का गठन स्थानीय प्रशासन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब लोगों को राजस्व और प्रशासन से जुड़े कई कार्यों के लिए पहले की तुलना में अधिक नजदीक प्रशासनिक कार्यालय उपलब्ध होगा।
नए उपमंडल के अस्तित्व में आने के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक निगरानी, राजस्व मामलों के निपटारे और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
निशांत कुमार के SDM का कार्यभार संभालने के साथ ही परागपुर उपमंडल में प्रशासनिक गतिविधियों की शुरुआत हो गई है। सरकार के इस कदम से कांगड़ा जिले के प्रशासनिक ढांचे में एक और महत्वपूर्ण बदलाव जुड़ गया है।











