काठमांडू, बागमती प्रदेश, नेपाल
नेपाल में प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की सरकार ने मंत्रालयों के कामकाज में जवाबदेही बढ़ाने और निर्धारित लक्ष्यों के आधार पर प्रदर्शन का आकलन करने की दिशा में नई पहल शुरू की है। प्रधानमंत्री शाह ने बुधवार को काठमांडू के सिंह दरबार में आयोजित कार्यक्रम में अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ परफॉर्मेंस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों में मौजूदा वित्त वर्ष के लिए विभिन्न मंत्रालयों के प्रमुख कार्यों और लक्ष्यों को स्पष्ट किया गया है।
प्रधानमंत्री सचिवालय के मुताबिक, इन समझौतों का मुख्य जोर सुशासन, सामाजिक न्याय और समृद्धि से जुड़े कार्यों पर है। सरकार की कोशिश है कि मंत्रालयों की जिम्मेदारियां स्पष्ट हों और निर्धारित अवधि में तय कार्यों को पूरा करने की दिशा में ठोस प्रगति दिखाई दे।
परफॉर्मेंस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने वाले मंत्रियों में वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले, विदेश मंत्री शिशिर खनाल, गृह मंत्री सुधन गुरुंग और कानून, न्याय एवं संसदीय मामलों की मंत्री सोबिता गौतम शामिल हैं। शाह सरकार में इन मंत्रियों को महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं। नेपाल के आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों में भी इन पदों की पुष्टि होती है।
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद मंत्रियों ने दस्तावेजों की प्रतियां एक-दूसरे को सौंपीं। इससे सरकार ने सामूहिक जिम्मेदारी और विभागों के बीच बेहतर तालमेल का संदेश देने की कोशिश की। परफॉर्मेंस एग्रीमेंट की अवधारणा का एक अहम उद्देश्य यह भी है कि सरकारी कामकाज को केवल घोषणाओं के बजाय तय परिणामों से जोड़ा जाए।
इस दौरान मुख्य सचिव गोविंद बहादुर कार्की ने भी प्रधानमंत्री शाह के साथ अलग परफॉर्मेंस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किया। प्रशासन के सर्वोच्च स्तर पर हुआ यह समझौता इस बात की ओर इशारा करता है कि सरकार राजनीतिक नेतृत्व के साथ-साथ नौकरशाही के कामकाज को भी निर्धारित लक्ष्यों के साथ जोड़ना चाहती है।
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने मार्च 2026 में नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। वह इससे पहले काठमांडू महानगर के मेयर के रूप में भी काम कर चुके हैं। उनकी सरकार ने गठन के बाद प्रशासनिक सुधार और तेजी से निर्णय लेने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
हालांकि, सरकार की कार्यशैली को लेकर राजनीतिक और संवैधानिक स्तर पर सवाल भी उठते रहे हैं। अगस्त की शुरुआत में प्रकाशित एक रिपोर्ट में शाह सरकार की शासन शैली को लेकर आलोचनाओं का उल्लेख किया गया था।
ऐसे माहौल में परफॉर्मेंस एग्रीमेंट को सरकार की कार्यक्षमता साबित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब निगाह इस बात पर होगी कि समझौतों में तय लक्ष्यों को कितनी तेजी से जमीन पर उतारा जाता है और उनसे जनता को कितना प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।












