Home » बिज़नेस » चीनी के दाम 15 प्रतिशत तक गिरे, सरकार ने डीलरों के लिए बदला स्टॉक नियम; जानें 1000 क्विंटल और 15 दिन का पूरा मामला

चीनी के दाम 15 प्रतिशत तक गिरे, सरकार ने डीलरों के लिए बदला स्टॉक नियम; जानें 1000 क्विंटल और 15 दिन का पूरा मामला

नई दिल्ली, दिल्ली

त्योहारी सीजन में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर चीनी उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने डीलरों के लिए स्टॉक सीमा को और सख्त कर दिया है। खाद्य मंत्रालय के नए आदेश के मुताबिक 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक देशभर के चीनी डीलर अधिकतम 1,000 क्विंटल चीनी ही स्टॉक में रख सकेंगे। इसके अलावा किसी डीलर को यह स्टॉक 15 दिनों से अधिक समय तक रखने की अनुमति नहीं होगी।

सरकार के इस फैसले के बाद चीनी के खुदरा बाजार में कीमतों पर असर दिखाई दिया है। खुदरा दामों में 15 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार ने आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत रखने और बाजार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराने के लिए यह कदम उठाया है।

क्या है 1000 क्विंटल और 15 दिन का नया नियम?

नए नियम के तहत 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक देशभर में चीनी डीलर अधिकतम 1,000 क्विंटल चीनी रख सकेंगे। इसके साथ ही यह स्टॉक अधिकतम 15 दिनों तक ही रखा जा सकेगा।

इसका मतलब है कि डीलरों को बड़ी मात्रा में चीनी लंबे समय तक जमा रखने की अनुमति नहीं होगी। स्टॉक की मात्रा और अवधि दोनों निर्धारित किए जाने से बाजार में चीनी की नियमित उपलब्धता बनाए रखने की कोशिश की गई है।

पहले कितनी थी स्टॉक सीमा?

नए आदेश से पहले सरकार ने 15 सितंबर से चीनी डीलरों के लिए स्टॉक सीमा 2,000 क्विंटल तय की थी। अब इसे घटाकर 1,000 क्विंटल कर दिया गया है।

यानी 15 अक्टूबर से लागू होने वाली नई व्यवस्था में सामान्य क्षेत्रों के डीलरों के लिए अनुमत स्टॉक पहले की तुलना में आधा हो जाएगा। इसके साथ ही 15 दिन की अवधि भी लागू होगी।

कोलकाता और असम को क्यों मिली छूट?

सरकार ने सभी क्षेत्रों के लिए एक जैसी सीमा लागू नहीं की है। क्षेत्रीय जरूरतों और आपूर्ति व्यवस्था को देखते हुए कोलकाता और उसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्र तथा असम के लिए स्टॉक सीमा 2,000 क्विंटल रखी गई है।

खाद्य मंत्रालय के अनुसार, कोलकाता उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से चीनी खरीदकर पूर्वी भारत तथा पूर्वोत्तर राज्यों तक इसकी आपूर्ति करता है। इस वजह से वहां सामान्य सीमा से अधिक स्टॉक की अनुमति दी गई है।

असम के लिए भी 2,000 क्विंटल की सीमा तय की गई है। मंत्रालय ने इसके पीछे राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और परिवहन संबंधी चुनौतियों को प्रमुख कारण बताया है।

खुदरा कीमतों पर क्या हुआ असर?

सरकार की ओर से स्टॉक सीमा सख्त किए जाने के बीच चीनी के खुदरा दामों में 15 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। इससे त्योहारी खरीदारी के दौरान आम ग्राहकों को राहत मिल सकती है।

नई व्यवस्था का उद्देश्य चीनी की उपलब्धता को बनाए रखना और बाजार में उचित कीमत सुनिश्चित करना है। 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक डीलरों को निर्धारित स्टॉक सीमा और 15 दिनों की अधिकतम अवधि के नियम का पालन करना होगा।

इस तरह सरकार ने त्योहारी सीजन में चीनी की आपूर्ति और कीमतों को लेकर डीलरों के स्टॉक पर नियंत्रण बढ़ाया है, जबकि कोलकाता क्षेत्र और असम की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए वहां 2,000 क्विंटल तक स्टॉक की अनुमति दी गई है।

संबंधित समाचार
E-Paper image 2