नई दिल्ली, दिल्ली। टाटा मोटर्स ने इटली की प्रमुख वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी इवेको ग्रुप NV के अधिग्रहण के लिए अपनी पेशकश कीमत बढ़ा दी है। कंपनी ने प्रति शेयर ऑफर में €0.30 की बढ़ोतरी करते हुए इसे €14.40 कर दिया है। टाटा मोटर्स ने यह फैसला नियामकीय मंजूरियों की प्रक्रिया में अपेक्षा से अधिक समय लगने के कारण लिया है। इस अधिग्रहण सौदे का कुल मूल्य लगभग €3.8 बिलियन बताया गया है।
टाटा मोटर्स ने अपनी सहायक कंपनी टीएमएल सीवी होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से इवेको के कारोबार का अधिग्रहण करने की योजना बनाई है। इस प्रस्ताव में इवेको का रक्षा कारोबार शामिल नहीं है। यह सौदा टाटा मोटर्स के वाणिज्यिक वाहन कारोबार के अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पहले €14.10 प्रति शेयर था ऑफर
टाटा मोटर्स ने इससे पहले इवेको के शेयरधारकों के लिए प्रति शेयर €14.10 की पेशकश की थी। अब इसे बढ़ाकर €14.40 प्रति शेयर कर दिया गया है। कंपनी ने सितंबर में इवेको के सभी बकाया साधारण शेयरों को खरीदने के लिए स्वैच्छिक नकद निविदा प्रस्ताव पेश किया था।
इस प्रस्ताव को स्वीकार करने की अवधि 7 सितंबर से 26 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की गई है। सौदे की प्रक्रिया के तहत इवेको के शेयरधारकों को संबंधित प्रस्तावों पर मतदान करना है। इसके लिए 16 अक्टूबर को कंपनी की असाधारण आम बैठक आयोजित होनी है।
नियामकीय मंजूरी में देरी बनी वजह
टाटा मोटर्स ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कहा कि पहले घोषित पेशकश कीमत इवेको के उचित और पूर्ण मूल्यांकन को ध्यान में रखकर तय की गई थी। हालांकि, आवश्यक पूर्व मंजूरियां प्राप्त करने की प्रक्रिया में शुरुआती अनुमान से अधिक समय लग रहा है। इसी कारण कंपनी ने शेयरधारकों के लिए पेशकश मूल्य में संशोधन किया है।
कंपनी के अनुसार, नई पेशकश कीमत 17 जुलाई 2025 को इवेको के शेयर भाव से 33.47 प्रतिशत अधिक है। इस बढ़ोतरी का उद्देश्य अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रस्ताव को संशोधित करना है।
इवेको के निदेशक मंडल ने किया समर्थन
इवेको के निदेशक मंडल ने सर्वसम्मति से इस सौदे का समर्थन किया है। हालांकि, अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए संबंधित मंजूरियों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरा होना आवश्यक है।
इस सौदे से टाटा मोटर्स को अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक वाहन बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर मिल सकता है। फिलहाल, निवेशकों और बाजार की नजरें शेयरधारकों की बैठक, नियामकीय मंजूरियों और अधिग्रहण की आगे की प्रक्रिया पर टिकी हैं।











