मुंबई:
Enforcement Directorate ने नासिक के चर्चित ज्योतिषी और दुष्कर्म आरोपी अशोक खरात से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच तेज कर दी है। इसी कड़ी में ईडी ने गुरुवार को Rupali Chakankar से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उनका बयान दर्ज किया गया और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई सवाल पूछे गए।
जानकारी के मुताबिक, ईडी ने इसी मामले में रूपाली चाकणकर की बहन प्रतिभा चाकणकर के बेटे तन्मय चाकणकर से भी पूछताछ की। इससे पहले जांच एजेंसी प्रतिभा चाकणकर का बयान भी दर्ज कर चुकी है। एजेंसी अब चाकणकर परिवार और अशोक खरात के बीच कथित वित्तीय संबंधों की गहराई से जांच कर रही है।
अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद रूपाली चाकणकर ने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। बताया जा रहा है कि वह खरात द्वारा स्थापित ‘शिवनिका ट्रस्ट’ की ट्रस्टी भी रही हैं। इसी ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेन-देन अब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
ईडी सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी की नजर एक क्रेडिट सोसाइटी में खोले गए चार बैंक खातों पर है। ये खाते कथित तौर पर प्रतिभा चाकणकर और तन्मय चाकणकर के नाम पर संचालित किए गए थे। आरोप है कि इन खातों पर अशोक खरात का प्रभाव या नियंत्रण था।
जांच में यह भी सामने आया है कि दो बचत खातों में करीब 50 लाख रुपये नकद जमा किए गए थे। ईडी अब इस रकम के स्रोत, ट्रांसफर और उपयोग की पूरी मनी ट्रेल खंगाल रही है। एजेंसी का दावा है कि बाद में यह राशि दो अलग-अलग फिक्स्ड डिपॉजिट खातों में ट्रांसफर की गई थी।
ईडी के अनुसार, इन एफडी खातों को मैच्योरिटी से पहले ही तोड़ दिया गया और जमा राशि के साथ करीब 1-1 लाख रुपये ब्याज जोड़कर पैसे निकाल लिए गए। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन पैसों का अंतिम इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य के लिए किया गया।
अशोक खरात पहले से ही कई गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं, जिनमें दुष्कर्म और वित्तीय अनियमितताओं के मामले शामिल हैं। ऐसे में ईडी की यह जांच राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से अहम मानी जा रही है। मामले में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।












