अलास्का (अमेरिका),
दुनिया में एक ऐसा भी शहर है, जहां आने वाले 84 दिनों तक रात नहीं होगी। उल्कियागविक (Utqiagvik) नाम का यह शहर इन दिनों ‘मिडनाइट सन’ नामक अनोखी खगोलीय घटना का गवाह बन रहा है, जहां 2 अगस्त तक सूरज लगातार आसमान में दिखाई देगा।
यह शहर अमेरिका के अलास्का राज्य में स्थित है और आर्कटिक सर्कल के बेहद करीब होने के कारण यहां यह दुर्लभ प्राकृतिक घटना देखने को मिलती है। इस दौरान आधी रात को भी दिन जैसा उजाला रहता है, जिससे दिन-रात का अंतर लगभग खत्म हो जाता है।
क्या है ‘मिडनाइट सन’ का वैज्ञानिक कारण?
इस घटना के पीछे पृथ्वी का लगभग 23.5 डिग्री का अक्षीय झुकाव जिम्मेदार है। गर्मियों के दौरान पृथ्वी का उत्तरी हिस्सा सूरज की ओर झुका रहता है, जिससे आर्कटिक सर्कल के अंदर आने वाले क्षेत्रों में सूरज क्षितिज के नीचे नहीं जाता। इसी कारण यहां 24 घंटे रोशनी बनी रहती है।
धूप के बावजूद ठंडा रहता है मौसम
दिलचस्प बात यह है कि लगातार धूप रहने के बावजूद यहां गर्मी नहीं पड़ती। उल्कियागविक में जुलाई के दौरान भी तापमान सामान्यतः 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहता है। इसकी वजह सूरज की किरणों का तिरछा पड़ना और ध्रुवीय क्षेत्र की ठंडी जलवायु है।
बिना रात के कैसे सोते हैं लोग?
लगातार उजाले के कारण यहां रहने वाले लोगों की जैविक घड़ी (बायोलॉजिकल क्लॉक) प्रभावित होती है। ऐसे में स्थानीय निवासी सोने के लिए ‘ब्लैकआउट पर्दों’ का इस्तेमाल करते हैं, जो कमरे को पूरी तरह अंधेरा बना देते हैं, ताकि वे सामान्य नींद ले सकें।
साल के दूसरे हिस्से में उल्टा नजारा
जहां गर्मियों में सूरज डूबता नहीं, वहीं सर्दियों में यहां बिल्कुल उल्टी स्थिति होती है। नवंबर से जनवरी के बीच ‘पोलर नाइट’ का दौर आता है, जब कई हफ्तों तक सूरज उगता ही नहीं और पूरा शहर अंधेरे में डूबा रहता है।
दुनिया के अन्य हिस्सों में भी दिखता है यह नजारा
उल्कियागविक के अलावा नॉर्वे, आइसलैंड और ग्रीनलैंड जैसे आर्कटिक सर्कल के करीब स्थित क्षेत्रों में भी गर्मियों के दौरान ‘मिडनाइट सन’ का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है।
कुल मिलाकर, यह प्राकृतिक घटना न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से रोचक है, बल्कि यह दिखाती है कि पृथ्वी की संरचना और उसकी गति किस तरह हमारे दिन-रात के अनुभव को पूरी तरह बदल सकती है।












