सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की ओर से 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन प्रक्रिया 25 मई को बंद कर दी गई। हालांकि, इस दौरान छात्रों को पोर्टल पर कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद केंद्र सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आईआईटी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) के विशेषज्ञों की मदद लेने का फैसला किया है।
री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर छात्रों को सर्वर डाउन, लॉगिन फेल, पेमेंट एरर और स्कैन कॉपी डाउनलोड न होने जैसी समस्याएं देखने को मिलीं। कई छात्रों ने शिकायत की कि उनके खाते से निर्धारित फीस से अधिक राशि कट गई, जबकि कुछ छात्रों से कम फीस ली गई। इन शिकायतों के बाद शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने बताया कि परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर छात्रों और अभिभावकों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद सरकार ने डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने के लिए Indian Institute of Technology Madras और Indian Institute of Technology Kanpur के विशेषज्ञों को शामिल किया है।
इसके साथ ही State Bank of India, Bank of Baroda, Canara Bank और Indian Bank को भी पेमेंट गेटवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए जोड़ा गया है। ये संस्थान सीबीएसई के पोस्ट एग्जामिनेशन सर्विस पोर्टल को अधिक स्थिर और सुरक्षित बनाने में सहयोग करेंगे।
सीबीएसई के अनुसार, जो छात्र 25 मई तक उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर चुके हैं, उन्हें जल्द ही कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। यदि छात्रों को स्कैन कॉपी में किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई देती है या वे पुनः मूल्यांकन कराना चाहते हैं, तो वे कॉपी मिलने के अगले दो दिनों के भीतर Observed/Re-evaluation के लिए आवेदन कर सकते हैं।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों के खाते से अतिरिक्त फीस कट गई है, उन्हें राशि सीधे बैंक खाते में वापस कर दी जाएगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर जारी अपडेट पर नजर बनाए रखें।












