रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। हाल ही में रूस के स्टारोबिस्क इलाके में हुए यूक्रेनी ड्रोन हमले के बाद मॉस्को ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़े और व्यवस्थित सैन्य हमले करने की चेतावनी दी है। रूस ने विदेशी नागरिकों और स्थानीय लोगों से शहर खाली करने तथा सैन्य और प्रशासनिक ठिकानों से दूर रहने की अपील की है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूसी सेना अब कीव में स्थित उन रक्षा प्रतिष्ठानों और सैन्य केंद्रों को लगातार निशाना बनाएगी, जहां ड्रोन तैयार किए जाते हैं और सैन्य संचालन की योजना बनाई जाती है। रूस का आरोप है कि यूक्रेन नाटो विशेषज्ञों की मदद से ड्रोन हमले कर रहा है और पश्चिमी देशों से उसे खुफिया जानकारी भी मिल रही है।
रूस का यह बयान उस समय आया है जब हाल ही में स्टारोबिस्क में हुए यूक्रेनी ड्रोन हमले में 18 लोगों की मौत हो गई थी और 42 अन्य घायल हुए थे। रूस ने इस हमले को “आतंकवादी कार्रवाई” करार दिया है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि विदेशी नागरिक, राजनयिक मिशन और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कर्मचारी जल्द से जल्द कीव छोड़ दें। मंत्रालय ने स्थानीय नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे सरकारी और सैन्य ढांचे वाली इमारतों के आसपास न जाएं क्योंकि आने वाले दिनों में इन इलाकों पर हमले तेज हो सकते हैं।
रूस का दावा है कि कीव में कई ऐसे केंद्र मौजूद हैं जहां ड्रोन डिजाइन, प्रोग्राम और ऑपरेट किए जाते हैं। मॉस्को के मुताबिक, इन्हीं सुविधाओं का इस्तेमाल रूस के ऊर्जा और नागरिक ढांचे पर हमले के लिए किया जा रहा है।
दूसरी ओर, Volodymyr Zelenskyy ने स्वीकार किया है कि यूक्रेन के पास एंटी-बैलिस्टिक रक्षा प्रणाली की भारी कमी है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन इस कमी को दूर करने के लिए यूरोपीय सहयोगियों और अमेरिका के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।
जेलेंस्की ने कहा कि ईरान और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण दुनिया भर में एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसके बावजूद यूक्रेन अपनी वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए प्रयास तेज कर रहा है।
इस बीच रूसी विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने अमेरिकी विदेश मंत्री को भी रूसी कार्रवाई की जानकारी दी है। रूस ने कहा है कि वह यूक्रेन के हमलों के जवाब में केवल सैन्य ठिकानों और निर्णय लेने वाले केंद्रों को निशाना बना रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच ड्रोन और मिसाइल हमलों की बढ़ती घटनाएं युद्ध को और अधिक व्यापक बना सकती हैं। लगातार हो रहे हमलों से आम नागरिकों में डर और असुरक्षा का माहौल है। कीव समेत कई शहरों में लोग संभावित बड़े हमलों की आशंका के बीच सतर्कता बरत रहे हैं।












