नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी चर्चाएं लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। हाल ही में इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव ने कर्मचारियों के बीच नई उम्मीद जगा दी है।
प्रस्ताव में कर्मचारियों को पांच अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की गई है। सबसे अधिक 4.38 फिटमेंट फैक्टर उच्च स्तर के अधिकारियों के लिए प्रस्तावित किया गया है।
फिटमेंट फैक्टर मूल वेतन बढ़ाने का आधार होता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 3 लाख रुपये है और उस पर 4.38 का गुणक लागू किया जाता है, तो उसका संशोधित वेतन 13.14 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
एसोसिएशन का मानना है कि इससे वरिष्ठ और कनिष्ठ कर्मचारियों के वेतन के बीच उचित अंतर बना रहेगा। साथ ही रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप बेहतर आर्थिक लाभ मिलेगा।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल कर्मचारी संगठन का सुझाव है। अंतिम वेतन वृद्धि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगी।












