मेरठ: परतापुर थाना क्षेत्र के अच्छरोंडा गांव में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब गांव के निकट स्थित एक खाली प्लॉट में पड़े फाइबर स्क्रैप और रुई के बड़े ढेर में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में काले धुएं का विशाल गुबार आसमान में छा गया और पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। धुएं के कारण ग्रामीणों को सांस लेने में परेशानी होने लगी, जिसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कई औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद देखते ही देखते लपटें ऊंची उठने लगीं और आसपास मौजूद अन्य सामग्री तक पहुंचने का खतरा पैदा हो गया। आग से निकलने वाला घना धुआं कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। धुएं के कारण गांव की गलियां और घर प्रभावित हुए, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में संचालित कुछ फैक्ट्रियां अपने औद्योगिक कचरे को निर्धारित स्थानों पर निस्तारित करने के बजाय आसपास के खाली प्लॉटों में फेंक देती हैं। उनका कहना है कि बाद में इन कचरों में आग लगा दी जाती है, जिससे प्रदूषण फैलता है और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
सूचना मिलने पर दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर आग नहीं बुझाई जाती तो आसपास की औद्योगिक इकाइयों और आबादी वाले क्षेत्र को बड़ा नुकसान हो सकता था।
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण अपराजिता स्पिनिंग मिल के बाहर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित फैक्ट्रियों की जांच कर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पर्यावरण नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।











