वॉशिंगटन/दोहा: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति व्यक्त की है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच हुए जवाबी हमलों ने युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए थे और पहले से लागू नाजुक युद्धविराम के टूटने का खतरा भी बढ़ गया था। ऐसे समय में यह सहमति क्षेत्रीय शांति के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधि मंगलवार को कतर में आमने-सामने बैठकर बातचीत करेंगे। इस दौरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े विवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा और भविष्य में तनाव कम करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा किए जाने की संभावना है। कतर लंबे समय से दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है और इस बैठक से भी सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई जा रही है।
अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्ष फिलहाल किसी भी नई सैन्य कार्रवाई से बचने पर सहमत हुए हैं। हाल के जवाबी हमलों के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई थी और आशंका जताई जा रही थी कि यदि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो युद्धविराम पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बातचीत सफल रहती है तो इससे न केवल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होगा, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में स्थिरता लौटने की संभावना भी बढ़ेगी। हॉर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, इसलिए यहां शांति कायम रहने का असर विश्व अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक पड़ सकता है।
हालांकि दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और अन्य रणनीतिक मुद्दों को लेकर मतभेद अब भी कायम हैं, लेकिन सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला कूटनीतिक संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब सभी की नजर कतर में होने वाली वार्ता पर है, जहां भविष्य की रणनीति तय की जाएगी।











