Home » हेल्थ » ‘मुझे सही डायग्नोसिस नहीं मिला था…’, शमिता शेट्टी किस बीमारी से महीनों तक परेशान रहीं? साझा की अपनी तकलीफ

‘मुझे सही डायग्नोसिस नहीं मिला था…’, शमिता शेट्टी किस बीमारी से महीनों तक परेशान रहीं? साझा की अपनी तकलीफ 

बॉलीवुड अभिनेत्री शमिता शेट्टी ने हाल ही में अपनी स्वास्थ्य से जुड़ी एक गंभीर समस्या का खुलकर जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय तक एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) और पेरिमेनोपॉज (Perimenopause) जैसी समस्याओं से जूझती रहीं, लेकिन शुरुआत में उनकी बीमारी का सही पता नहीं चल पाया। अभिनेत्री ने यह अनुभव एक्ट्रेस सोहा अली खान के पॉडकास्ट ‘ऑल अबाउट हर’ में साझा किया, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं में इस बीमारी को लेकर जागरूकता बढ़ सके।

शमिता ने बताया कि करीब आठ महीनों तक उन्हें लगातार शारीरिक परेशानियां होती रहीं। वह कई डॉक्टरों के पास गईं और कई तरह की जांचें भी कराईं, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स सामान्य आने के कारण बीमारी की असली वजह सामने नहीं आ सकी। उन्होंने कहा कि उन्हें बार-बार लगता था कि शायद यह सामान्य समस्या है और हर महिला को ऐसा महसूस होता होगा। इसी सोच के कारण उन्होंने लंबे समय तक अपने लक्षणों को गंभीरता से नहीं लिया।

अभिनेत्री ने बताया कि जब वह पहली बार अपनी गायनेकोलॉजिस्ट के पास पहुंचीं तो डॉक्टर ने नियमित जांचें, जैसे पैप स्मीयर और अन्य आवश्यक टेस्ट कराए। सभी रिपोर्ट सामान्य आईं, इसलिए किसी ने यह नहीं सोचा कि इसके पीछे कोई दूसरी गंभीर बीमारी भी हो सकती है। इसके बाद जब भी उन्हें दर्द या अन्य तकलीफ होती, तो वह खुद को यही समझाती रहीं कि सब कुछ सामान्य है।

समय बीतने के साथ उनकी समस्या बढ़ती गई और दर्द लगातार बना रहा। आखिरकार विस्तृत जांच के बाद डॉक्टरों को पता चला कि वह एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित हैं। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए सर्जरी करानी पड़ी। शमिता ने कहा कि सही समय पर बीमारी की पहचान होना बेहद जरूरी है, क्योंकि देरी होने पर यह समस्या अधिक गंभीर हो सकती है और महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता पर असर डाल सकती है।

एंडोमेट्रियोसिस महिलाओं में होने वाली एक ऐसी बीमारी है, जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगती हैं। इससे पीरियड्स के दौरान तेज दर्द, लगातार पेल्विक पेन, अत्यधिक रक्तस्राव, थकान और कई मामलों में प्रजनन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। इस बीमारी का निदान कई बार कठिन होता है क्योंकि इसके लक्षण सामान्य मासिक धर्म के दर्द जैसे लग सकते हैं।

वहीं, पेरिमेनोपॉज वह अवस्था होती है जो मेनोपॉज से पहले शुरू होती है। इस दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे अनियमित पीरियड्स, मूड स्विंग्स, नींद की समस्या, गर्मी लगना और अन्य शारीरिक व मानसिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

शमिता शेट्टी ने सभी महिलाओं से अपील की कि यदि उन्हें लंबे समय तक असामान्य दर्द, अनियमित रक्तस्राव या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां महसूस हों, तो उन्हें इन्हें सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि शुरुआती जांच में समस्या सामने न आए और लक्षण लगातार बने रहें, तो दूसरी राय लेना और विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने शरीर के संकेतों को समझना चाहिए और समय रहते इलाज कराना चाहिए। सही जानकारी और जागरूकता से एंडोमेट्रियोसिस जैसी बीमारियों का समय पर पता लगाया जा सकता है और बेहतर उपचार संभव है। शमिता का यह अनुभव उन लाखों महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है, जो लंबे समय से ऐसी समस्याओं से जूझ रही हैं लेकिन उन्हें सामान्य मानकर अनदेखा कर देती हैं।

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