बोटाद, गुजरात
गुजरात के बोटाद जिले में 43.11 लाख रुपये कीमत के हीरों की चोरी का मामला सामने आया है। चोरी की वारदात इतनी तेजी से हुई कि कथित तौर पर आरोपी महिला महज 14 मिनट के भीतर हीरा कारोबारी के कार्यालय से पैकेट लेकर निकल गई। हालांकि, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों की मदद से सात घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया।
बोटाद जिला पुलिस और अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी किए गए हीरों को भी बरामद कर लिया है।
भिखारी के वेश में कार्यालय में दाखिल हुई महिला
पुलिस के अनुसार, घटना रविवार को बोटाद के नीलम हीरा बाजार में हुई। हीरा कारोबारी अशोकभाई कंकोटिया के कार्यालय में एक महिला कथित तौर पर भिखारी के वेश में पिछले दरवाजे से दाखिल हुई।
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, महिला दोपहर करीब 1:09 बजे कार्यालय में प्रवेश करती दिखाई दी। करीब 14 मिनट बाद वह एक पैकेट लेकर कार्यालय से बाहर निकलती हुई कैमरे में कैद हुई।
महिला के बाहर जाने के बाद कारोबारी को कार्यालय में चोरी का पता चला। जांच करने पर एक टेबल की दराज का ताला खुला मिला। उसमें रखा हीरों का पैकेट गायब था।
कारोबारी ने पुलिस को बताया कि पैकेट में करीब 1,437 कैरेट हीरे थे और उनकी कीमत 43.11 लाख रुपये थी।
CCTV फुटेज से शुरू हुई जांच
चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। बोटाद जिला पुलिस के साथ अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस की टीम को भी अभियान में लगाया गया।
जांच अधिकारियों ने सबसे पहले कार्यालय और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। महिला के कार्यालय में प्रवेश करने से लेकर बाहर निकलने तक की गतिविधियों को देखा गया।
इसके बाद पुलिस ने महिला की पहचान और उसके संपर्क में आने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने के लिए जरूरी सुराग मिलते गए।
सात घंटे में पकड़े गए तीन आरोपी
संयुक्त पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, उनके कब्जे से चोरी किए गए हीरे भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि यह पता लगाया जाए कि चोरी की योजना कब बनाई गई थी, कार्यालय को निशाना बनाने की वजह क्या थी और घटना में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं।
जांच में सीसीटीवी फुटेज के अलावा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी शामिल किया जा रहा है।
कारोबारी के लिए बड़ा नुकसान टला
हीरों की कीमत 43.11 लाख रुपये होने के कारण मामला गंभीर माना गया। लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते चोरी का सामान बरामद कर लिया गया।
महज सात घंटे में मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस की जांच और सीसीटीवी निगरानी की भूमिका भी सामने आई है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।











