मधेपुरा, बिहार
मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र में एक ही परिवार की तीन नाबालिग बच्चियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िताओं में दो सगी बहनें और उनकी एक भांजी शामिल हैं। आरोप है कि तीन सितंबर की देर शाम शौच के लिए घर से निकलीं बच्चियों को सुनसान स्थान पर ले जाकर तीन युवकों ने उनके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद तीनों बच्चियां नहर के किनारे बेहोशी की हालत में मिलीं।
परिजनों के अनुसार, तीनों बच्चियों की उम्र 12 से 14 वर्ष के बीच है। तीन सितंबर की शाम वे शौच के लिए घर से बाहर गई थीं। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वे वापस नहीं लौटीं तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान तीनों सरौनी इलाके में नहर के किनारे अचेत अवस्था में मिलीं। इसके बाद परिजन उन्हें घर लेकर पहुंचे और होश में आने पर घटना की जानकारी सामने आई।
पुलिस को दिए गए आवेदन में पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि सरौनी गांव के तीन युवकों ने बच्चियों को घेर लिया और उनके साथ जबरदस्ती की। आवेदन के आधार पर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों पर पॉक्सो अधिनियम और दुष्कर्म से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
सदर अस्पताल में कराया गया मेडिकल परीक्षण
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। तीनों नाबालिग पीड़िताओं को चिकित्सकीय परीक्षण और आवश्यक उपचार के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में चिकित्सकीय और वैज्ञानिक साक्ष्यों को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ पवन कुमार सिंह और बिहारीगंज थानाध्यक्ष लवकुश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने नहर के आसपास के इलाके की जांच की। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए सहरसा से फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमें गठित
एसडीपीओ पवन कुमार सिंह के अनुसार, पीड़ित पक्ष के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट को भी जांच में शामिल किया जाएगा।
घटना के बाद इलाके में लोगों में आक्रोश है। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि नाबालिग पीड़िताओं की सुरक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की बात कही है।
मामला पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज होने के कारण जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई संबंधित प्रावधानों के अनुसार की जाएगी। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।










