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BRICS Summit 2026: पुतिन पहुंचे दिल्ली, शी जिनपिंग कल आएंगे; 12-13 सितंबर को क्या होगा, जानें पूरा शेड्यूल

नई दिल्ली, दिल्ली

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगी। सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दुनिया के कई प्रमुख नेताओं का भारत आगमन शुरू हो चुका है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच चुके हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 सितंबर को दोपहर 12:25 बजे एएफएस पालम पहुंचेंगे। इसके अलावा ब्रिक्स सदस्य देशों, साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के कई राष्ट्राध्यक्ष और वरिष्ठ प्रतिनिधि भी सम्मेलन में शामिल होंगे।

ब्रिक्स सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को लेकर कई चुनौतियां बनी हुई हैं। बैठक में वैश्विक शासन, बहुपक्षवाद, तकनीक, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।

12 सितंबर को शुरू होगी अहम बैठक

सम्मेलन के पहले दिन दोपहर 2:35 बजे ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं की बंद कमरे में बैठक होगी। बैठक का विषय ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना' है। इसके बाद शाम 4:25 बजे सभी नेता ‘भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी' का दौरा करेंगे।

शाम 5:05 बजे आधिकारिक फैमिली फोटो और संयुक्त रूप से पौधरोपण का कार्यक्रम होगा। इसके बाद शाम 7:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशी मेहमान नेताओं के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन करेंगे।

13 सितंबर को होगा मुख्य खुला सत्र

दूसरे दिन सुबह 9:55 बजे ब्रिक्स सदस्य देशों, साझेदार देशों और आमंत्रित मेहमानों का आगमन शुरू होगा। सुबह 10:35 बजे आधिकारिक समूह फोटो होगी। इसके बाद 10:50 बजे मुख्य खुला सत्र शुरू होगा।

इस सत्र का विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता—समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देना' रखा गया है। इसमें वैश्विक विकास को अधिक समावेशी और टिकाऊ बनाने तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। सम्मेलन के अंत में ‘नई दिल्ली घोषणापत्र' जारी किया जाएगा।

नेताओं के आगमन से दिल्ली में बढ़ी हलचल

11 सितंबर को कई महत्वपूर्ण विदेशी मेहमानों के दिल्ली पहुंचने का कार्यक्रम है। इनमें दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, यूएई के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर शामिल हैं।

12 सितंबर को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अलावा वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग, कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्त तोकायेव और अन्य प्रतिनिधियों के पहुंचने का कार्यक्रम है।

दिल्ली में सुरक्षा का अभेद्य घेरा

विश्व नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। करीब 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां सुरक्षा में तैनात हैं। 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए राजधानी के महत्वपूर्ण इलाकों पर नजर रखी जा रही है।

कूटनीतिक एन्क्लेव और विदेशी मेहमानों के ठहरने वाले होटलों के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है। सम्मेलन को देखते हुए यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं। हवाई गतिविधियों को लेकर भी विशेष प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को कवर करने के लिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से करीब 1200 से 1300 पत्रकारों के दिल्ली पहुंचने की संभावना है। भारत मंडपम दो दिवसीय सम्मेलन का मुख्य आयोजन स्थल होगा, जहां वैश्विक नेताओं की बैठकों के साथ कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक चर्चाएं होंगी।

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