गोलाघाट, असम
असम के गोलाघाट जिले में ONGC की पाइपलाइन से कच्चे तेल की कथित चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जांच के दौरान सारुपथार को-जिला के पुलिस अधीक्षक दीपेन पातर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि SP कथित तौर पर तेल चोरी में शामिल लोगों को संरक्षण और सहयोग दे रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के बाद उनकी कथित भूमिका सामने आई।
गोलाघाट क्राइम ब्रांच के ASP जॉन दास के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुरुवार को दीपेन पातर को उनके आवास से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी उस जांच का हिस्सा है, जो ONGC की पाइपलाइन से कच्चा तेल चोरी किए जाने की शिकायत के बाद शुरू हुई थी।
पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त को उरियाघाट पुलिस थाने में इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 25 से 27 जुलाई के बीच ONGC की पाइपलाइन में छेद करके बड़े पैमाने पर कच्चा तेल निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने चोरी के पीछे सक्रिय लोगों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटानी शुरू की।
ड्राइवर से पूछताछ के बाद खुली कड़ी
जांच के दौरान पुलिस को डुलियाजान निवासी ड्राइवर गोपाल बरमान के बारे में जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, वह चोरी किए गए कच्चे तेल के परिवहन में कथित तौर पर शामिल था। उससे पूछताछ के बाद जांचकर्ताओं को मामले से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिली।
पुलिस ने इसके बाद लखी श्याम को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी का दावा है कि उसके घर पर कच्चे तेल की चोरी की कथित योजना तैयार की गई थी। इसके बाद डुलियाजान निवासी अमृत बोरसाइकिआ को भी गिरफ्तार किया गया। उस पर इस अवैध गतिविधि के लिए कथित तौर पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का आरोप लगाया गया है।
मोबाइल और डिजिटल डेटा की जांच
मामले की जांच केवल आरोपियों से पूछताछ तक सीमित नहीं रही। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डेटा का भी विश्लेषण किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वप्ननील डेका के अनुसार, आरोपियों के बयानों, डिजिटल साक्ष्यों और चोरी के तरीके के अध्ययन से पुलिस को मामले में कथित मिलीभगत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
पुलिस का दावा है कि इन साक्ष्यों से SP दीपेन पातर की कथित भूमिका के संकेत मिले। आरोप है कि तेल चोरी में शामिल लोगों को उनका संरक्षण और सहयोग मिल रहा था। पुलिस के अनुसार, पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
SP की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ONGC पाइपलाइन से कच्चे तेल की चोरी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी किए गए तेल को किस तरह परिवहन किया जाता था और इसके पीछे वित्तीय लेन-देन किस प्रकार हुआ।
अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस द्वारा जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।











