स्टॉकहोम, स्वीडन। महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाली नीला विखे पाटिल ने स्वीडन की राजनीति में अपनी पहचान मजबूत करते हुए संसदीय चुनाव में जीत दर्ज की है। 41 वर्षीय नीला स्वीडन की ग्रीन पार्टी की ओर से स्टॉकहोम शहर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरी थीं। जीत के साथ ही वह स्वीडन की 349 सदस्यीय संसद का हिस्सा बन गई हैं।
नीला की इस उपलब्धि से उनके परिवार और महाराष्ट्र में भी खुशी है। उनके पिता अशोक विखे पाटिल महाराष्ट्र के जाने-माने शिक्षाविद हैं और विखे पाटिल फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय उनके परिवार की पृष्ठभूमि के बीच नीला ने स्वीडन में राजनीति के क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है।
चुनाव में जीत के बाद नीला ने कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनने का प्रयास करेंगी, जो मतदान करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने बच्चों के कल्याण और पर्यावरण संरक्षण को अपने काम के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बताया है।
स्वीडन में 13 सितंबर को मतदान हुआ था। चुनाव परिणाम अलग-अलग चरणों में सामने आ रहे हैं और अंतिम परिणाम 20-21 सितंबर तक आने की उम्मीद है। हालांकि, नीला अपनी सीट पर जीत हासिल कर चुकी हैं।
राजनीति में नीला का अनुभव नया नहीं है। इससे पहले वह स्टॉकहोम नगर निगम की सिटी काउंसिल में निर्वाचित हो चुकी हैं। उन्होंने स्वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन के प्रशासन में प्रधानमंत्री की राजनीतिक सलाहकार के रूप में भी काम किया था। इस दौरान वित्त, कर और आवास से जुड़े विषय उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल थे।
सांसद चुने जाने के बाद नीला ने संसद का हिस्सा बनने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि वह स्टॉकहोम और पूरे देश के लिए योगदान करने को लेकर उत्साहित हैं।
नीला ने भारत के प्रति अपने लगाव को भी सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें भारत से प्यार है और वह भारत से गहरा जुड़ाव महसूस करती हैं। उनकी जीत को महाराष्ट्र के लिए भी गर्व की उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।











