मुंबई, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के अधिकारियों पर जबरन वसूली के आरोपों के बीच FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने मंगलवार को इन आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में अब तक एक भी शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार या अनियमितता के ठोस सबूत मिलते हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुंडे ने अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों के संबंध में ठोस सबूत उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी अधिकारी को बचाया नहीं जाएगा और प्रमाण मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
संजय राउत ने लगाए थे जबरन वसूली के आरोप
सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने महाराष्ट्र FDA के कुछ अधिकारियों पर जबरन वसूली करने के आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि अधिकारियों की ओर से होटल संचालकों और क्विक-कॉमर्स कारोबार से जुड़े व्यवसायों को लाइसेंस रद करने की धमकी दी जा रही है।
इन आरोपों के सामने आने के बाद FDA कमिश्नर का बयान सामने आया है। मुंडे ने कहा कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ शिकायत या आरोप है तो उसके समर्थन में ठोस प्रमाण उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
FDA में पारदर्शिता का दावा
तुकाराम मुंडे ने FDA की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बताते हुए कहा कि विभाग खाद्य नियमों के उल्लंघन से जुड़े कानूनों को सख्ती से लागू कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में उन्होंने एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) के डायरेक्टर जनरल को पत्र लिखा है।
FDA कमिश्नर के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा और संबंधित नियमों के उल्लंघन के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यदि किसी के खिलाफ ठोस सबूत सामने आते हैं तो कार्रवाई करने में कोई हिचक नहीं होगी।
ठोस सबूत मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन
मुंडे ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच और कार्रवाई के लिए प्रमाण महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने दोहराया कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ ठोस सबूत मिलते हैं और आरोप सही पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले में एक तरफ संजय राउत ने FDA अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत मांगे हैं। फिलहाल मामले में किसी शिकायत के प्राप्त होने से इनकार करते हुए उन्होंने दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।











